शादी में बारातियों को दिया ऐसा शगुन जिसे देखने-सुनने वाले रह गए दंग, चारों तरफ हो रही प्रशंसा

शादी में बारातियों को दिया ऐसा शगुन जिसे देखने-सुनने वाले रह गए दंग, चारों तरफ हो रही प्रशंसा

शादी-ब्याह में आजकल मेहमानों को तोहफे देना आम बात हो गया है लेकिन कभी-कभी हमारे आस-पास ऐसी घटनाएँ हो जाती है जिसकी चर्चा दूर तक जाती है और वो एक मिशाल...

बड़ा खुलासा: कांग्रेस सरकार सियाचिन देना चाहती थी पाकिस्तान को -पूर्व आर्मी चीफ
हरियाणा के कंडक्टरों की बात ही कुछ निराली है, सुनोगे तो हँसते-हँसते पेट दर्द करने लगा जायेगा
पाक की फिर नापाक हरकत, पुंछ में कर रहा भारी गोलाबारी

शादी-ब्याह में आजकल मेहमानों को तोहफे देना आम बात हो गया है लेकिन कभी-कभी हमारे आस-पास ऐसी घटनाएँ हो जाती है जिसकी चर्चा दूर तक जाती है और वो एक मिशाल बनकर लोगों को प्रेरणा देती है. ऐसा ही एक वाकया उत्तर प्रदेश के आगरा के एक छोटे से गाँव अजीजपुर में देखने को मिला. यहाँ एक शादी के कार्यक्रम में पहुंचे वर पक्ष के सभी बारातियों को वधु पक्ष की ओर से बतौर उपहार ‘हेलमेट’ दिए गए और उन्हें हेलमेट पहनने का महत्व समझाकर उनसे वचन भी लिया गया कि वो कभी भी बिना हेलमेट दुपहिया वाहन नहीं चलाएंगे.

मालपुरा के अंतर्गत विकास खंड बिचपुरी की ग्राम पंचायत अजीजपुर के अम्बुज रावत की शादी ग्वालियर की रुकमनी के साथ होनी तय हुई. अम्बुज, यूएस में इंजीनियर के पद पर कार्यरत है और रुकमनी भी एमबीए है और एक प्राईवेट कंपनी में जॉब करती है. निर्धारित समय पर सभी मेहमान शहर स्थित कृष्णा पैलेस पहुंचे और धूमधाम से शादी की रस्में संपन्न हुई. कार्यक्रम में एक हज़ार से अधिक मेहमान पहुंचे जिनमें से अधिकतर मेहमान दुपहिया से शादी में शरीक होने के लिए आये हुए थे और वो भी बिना हेलमेट के. उन्हें देख कर वर-वधु दोनों पक्ष ने आपस में सलाह मशविरा करके शादी में पहुंचे सभी मेहमानों को बतौर उपहार हेलमेट देने का निर्णय लिया.

उन्होंने तत्काल अपने बड़े बेटे को बाज़ार भेजकर शादी में आये लगभग 300 मेहमानों के लिए हेलमेट मंगवाए. वर-वधु ने आशीर्वाद की रस्म के साथ ही बिना हेलमेट दुपहिया वाहन लेकर आये मेहमानों को हेलमेट भेंट किये और उनसे ये वचन भी लिया कि वो आगे से वाहन चलाने के दौरान हेलमेट का प्रयोग करेंगे. उनके इस कदम की लोगों ने बहुत प्रशंसा की. आसपास के इलाकों में भी इसकी चर्चा जोरों पर है और लोग इसे अपने आप में एक प्रेरणादायी कदम बता रहे हैं.

दुल्हे के पिता वेदप्रकाश ने बताया कि जब उन्होंने 300 हेलमेट एक साथ खरीदने की बात की तो शहर के दुकानदार ने भी हमारे इस कदम की प्रशंसा की और उसने प्रति हेलमेट अपना मुनाफा भी आधा कर दिया. अपने आप में इस अनोखी पहल के गवाह एसएसपी अमित पाठक भी बने. उन्होंने कहा कि शादी में मुझे भी आमंत्रित किया गया था और बिना हेलमेट शादी में आये दुपहिया चालकों को हेलमेट भेंट किये गए हैं जो की काबिलेतारीफ है.

COMMENTS

WORDPRESS: 0
DISQUS: 0