भगवान परशुराम जयंती विशेष: क्यों किया था उन्होंने 21 बार धरती से क्षत्रियों का विनाश

भगवान परशुराम जयंती विशेष: क्यों किया था उन्होंने 21 बार धरती से क्षत्रियों का विनाश

भगवान विष्णु जी के छठे अवतार भृगुकुल तिलक भगवान परशुराम जी का प्राकट्य वैशाख मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया अर्थात् अक्षय तृतीया के दिन हुआ था. शास्त्र ए...

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भगवान विष्णु जी के छठे अवतार भृगुकुल तिलक भगवान परशुराम जी का प्राकट्य वैशाख मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया अर्थात् अक्षय तृतीया के दिन हुआ था. शास्त्र एवं शस्त्र के ज्ञाता भगवान परशुराम जी की माता रेणुका और पिता ऋषि जमदग्नि थे. भगवान शिव के परम भक्त परशुराम जी न्याय के देवता माने जाते हैं. पीड़ित व शोषित समाज की रक्षा करने हेतु योगी होते हुए भी उन्होंने शस्त्र उठाये और समाज में सत्य, न्याय और समानता की अवधारणा से पोषित सत्य सनातन धर्म की स्थापना की थी.

भगवान परशुराम जी की जंयती अक्षय तृतीया के दिन मनाई जाती है. भगवान ने अपने माता-पिता के अपमान का बदला लेने के लिए धरती से 21 बार क्षत्रियों का सफाया कर दिया था. कहा जाता है की जब हैहय वंश के राजा सहस्त्रार्जुन ने अपने बल का दुरूपयोग करना शुरू कर दिया और अहंकार में आकर ब्राह्मणों और ऋषियों पर अत्याचार करना शुरू कर दिया था तथा प्रजा त्राहि-त्राहि करने लगी उन्होंने तब पवित्र आर्य भूमि को उनके अत्याचारों से मुक्त कराया. भगवान शिव से इन्हें अमोघ परसा मिला था जिनके नाम पर ही इनका नाम परशुराम पड़ा.

एक बार सहस्त्रार्जुन घूमते हुए अपने दलबल सहित ऋषि जमदग्रि के आश्रम में पहुंचा. ऋषि जमदग्रि ने राजा सहित पूरी सेना का भरपूर स्वागत सत्कार किया. जमदग्रि जी के पास चमत्कारी गाय कामधेनु थी जिसकी वजह से ही इतनी बड़ी सेना सहित राजा का भव्य स्वागत किया गया. सहस्त्रार्जुन अपने अहंकार के वशीभूत होकर बल का प्रयोग कर इस गाय को छीन ले गया. जब परशुराम को यह बात पता चली तो वो अपने पिता के इस अपमान को सहन नहीं कर पाए और उन्होंने सहस्त्रार्जुन को यमलोक पहुंचा दिया.

सहस्त्रार्जुन के पुत्रों ने अपने पिता की मौत का बदला लेने के लिए परशुराम के पिता जमदग्रि मुनी का वध कर दिया. परशुराम की माता अपने पति के साथ सती ही गई. भगवान परशुराम ने शपथ ली थी कि इस धरती से समस्त क्षत्रिय वंशों का संहार कर देंगे. उसके बाद उन्होंने धरती से पुरे 21 बार से क्षत्रियों का विनाश कर अपनी प्रतिज्ञा पूरी की.

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