आखिरकार पास हो ही गया यूपीकोका बिल, अपराधियों की जान हलक में- विपक्ष ने की क़ानून वापस लेने की मांग

आखिरकार पास हो ही गया यूपीकोका बिल, अपराधियों की जान हलक में- विपक्ष ने की क़ानून वापस लेने की मांग

महाराष्ट्र के मकोका की तर्ज़ पर योगी आदित्यनाथ सरकार ने यूपी में उत्तर प्रदेश कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट यानी यूपीकोका लागू करने का फैसला किया ह...

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महाराष्ट्र के मकोका की तर्ज़ पर योगी आदित्यनाथ सरकार ने यूपी में उत्तर प्रदेश कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट यानी यूपीकोका लागू करने का फैसला किया है. कैबिनेट की बैठक में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में यूपीकोका विधेयक के मसौदे को मंजूरी दे दी गयी है. प्रदेश में संगठित अपराधों को रोकने के लिए बुधवार को विधानसभा के शीतकालीन सत्र में यूपीकोका बिल पेश किया गया. विपक्ष ने इसका एक सुर में विरोध किया.

बसपा सुप्रीमो मायावती ने इस बिल का विरोध करते हुए कहा की बीजेपी की सरकार में पक्षपात के आधार पर कानून का गलत इस्तेमाल हो रहा है, सरकार इस कानून को तुरंत वापस ले. वहीँ पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इसे विरोधियों को डराने वाला कानून बताया और कहा की इस बिल का प्रयोग विरोधियों के खिलाफ ही किया जायेगा. उन्होंने कहा की इस बिल से गरीबों का दमन होगा.

हालाँकि सरकार का कहना है की इस बिल से आतंकवाद, फिरौती, तस्करी और बहुत से गंभीर अपराधियों पर शिकंजा कसा जायेगा. रंगदारी और गुंडा टैक्स वसूलने सम्बंधित अपराधों में यूपीकोका लागू किया जायेगा. इस कानून में 28 ऐसे प्रावधान होंगे जो गैंगस्टर एक्ट में नहीं है. बिल के अनुसार इस एक्ट के अंतर्गत कम से कम सात साल की कैद और पन्द्रह लाख रूपए अर्थदंड और अधिकतम पच्चीस लाख रूपए का अर्थदंड और सजा-ए-मौत का प्रावधान है.

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