‘आप’ के बीस विधायक अयोग्य घोषित, राष्ट्रपति की मुहर के बाद छिन गई कुर्सी

‘आप’ के बीस विधायक अयोग्य घोषित, राष्ट्रपति की मुहर के बाद छिन गई कुर्सी

लाभ के पद मामले में ‘आप’ के बीस विधायकों को बड़ा झटका लगा है. EC के बाद राष्ट्रपति ने भी केजरीवाल सरकार के बीस विधायकों को अयोग्य करार देते हुए EC के फ...

बड़ी दूर की कौड़ी है केजरीवाल का माफ़ी अभियान, जानिए- क्या है इस अभियान का असली सच?
केजरीवाल करेंगे 2019 में बीजेपी के लिए प्रचार, रखी है ये एक शर्त
आप सरकार का चौथा बजट पेश, जानिए- 53 हज़ार करोड़ के बजट की मुख्य बातें

लाभ के पद मामले में ‘आप’ के बीस विधायकों को बड़ा झटका लगा है. EC के बाद राष्ट्रपति ने भी केजरीवाल सरकार के बीस विधायकों को अयोग्य करार देते हुए EC के फैसले पर मुहर लगा दी. इससे पहले चुनाव आयोग द्वारा लाभ के पद मामले में दिल्ली की सत्ताधारी पार्टी के 20 विधायकों को अयोग्य ठहराने के बाद ‘आप’ ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जहाँ हाईकोर्ट ने EC के खिलाफ ‘आप’ को अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया था.

Google Image

आपको बता दें कि राजधानी दिल्ली में पूर्ण बहुमत के बाद मार्च 2015 में आम आदमी पार्टी ने अपने 67 विधायकों में से 21 विधायकों की संसदीय सचिव के पद पर नियुक्ति की थी. इस मामले में प्रशांत पटेल नामक वकील ने सरकार के इस फैसले को चुनौती दी थी. प्रशांत पटेल ने विधायकों के इस पद को ‘लाभ का पद’ बताते हुए राष्ट्रपति से शिकायत करते हुए इनकी सदस्यता ख़त्म करने की मांग की थी. ‘आप’ के पूर्व विधायक जैरनेल सिंह के इस्तीफा देने के बाद इन विधायकों की संख्या घटकर 20 रह गई थी, जिनकी आज सदस्यता ख़त्म हो गई है.

‘लाभ के पद मामले’ में संविधान के अनुच्छेद 102 (1) A और 191 (1) A के मुताबिक यदि कोई सांसद या विधायक सत्ता में रहते हुए लाभ के पद का उपयोग करते है तो उसकी सदस्यता रद्द की जा सकती है. यह लाभ का पद केंद्र सरकार या किसी भी राज्य सरकार के अधीन हो सकता है. हालाँकि यह इस प्रकार का पहला मामला नहीं है इससे पहले भी इस प्रकार के मामले संज्ञान में आ चुके हैं लेकिन उन मामलों में विधायकों की संख्या अधिकतम दो या तीन ही थी, लेकिन ‘आप’ के 20 विधायक इस मामले में अपनी सदस्यता खो चुके है.

COMMENTS