देश की सबसे बड़ी मर्डर मिस्ट्री से नहीं उठ सका पर्दा, तलवार दम्पति रिहा

देश की सबसे बड़ी मर्डर मिस्ट्री से नहीं उठ सका पर्दा, तलवार दम्पति रिहा

आरुषी मर्डर केस में फैसला, तलवार दम्पति को कोर्ट ने किया बरी

देश की सबसे बड़ी मर्डर मिस्ट्री सुलझने की बजाये और अधिक उलझ गयी है. नॉएडा के बहुचर्चित आरुषी हत्याकांड पर आज इलाहाबाद हाई कोर्ट का फैसला आ गया. हाई कोर...

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देश की सबसे बड़ी मर्डर मिस्ट्री सुलझने की बजाये और अधिक उलझ गयी है. नॉएडा के बहुचर्चित आरुषी हत्याकांड पर आज इलाहाबाद हाई कोर्ट का फैसला आ गया. हाई कोर्ट ने आरुषी-हेमराज हत्याकांड में तलवार दम्पति को आज बरी कर दिया.

हाई कोर्ट के फैसले के साथ ही राजेश तलवार और नुपुर तलवार दोनों गाजियाबाद की जेल से रिहा हो जायेंगे. हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा की निचली अदालत का फैसला ठोस सबूतों के बिनाह पर नहीं हालातों के मद्देनज़र लिया गया फैसला था. निसंदेह तलवार दम्पति को संदेह का लाभ मिलना चाहिए. कोर्ट ने माना कि हालत के अनुसार उपजे सबूतों के आधार पर तलवार दम्पति को सजा सुनाई गयी थी लिहाजा बिना कोई ठोस सबूतों के इन्हें उम्रकैद की सजा नहीं दी जा सकती.

आपको बता दें कि 16 मई 2008 को आरुषी की हत्या हुई थी. प्रथम दृष्टया हत्या का शक उनके नौकर हेमराज पर किया गया लेकिन 3 दिन बाद ही हेमराज का शव भी मिल गया. पुलिस ने इस डबल मर्डर का आरोपी तलवार दम्पति को बनाया और 25 नवम्बर 2013 को गाजियाबाद की विशेष सीबीआई कोर्ट ने हालात से जुड़े सबूतों के आधार पर अदालत ने दोनों को उमर्कैद की सजा सुना दी. तलवार दम्पति ने 2014 में इलाहाबाद हाई कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया

जिसके खिलाफ जनवरी 2014 में दोनों ने इलाहाबाद हाइकोर्ट का दरवाज़ा था. कोर्ट ने 8 सितंबर 2017 को अपील पर फैसला सुरक्षित रखा और अंततः 12 अक्टूबर को तलवार दम्पति को बरी कर दिया.

 

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