ना गोली से, ना गाली से… ये समस्या सुलझेगी हर कश्मीरी को गले लगाने से: PM नरेंदर मोदी

लाल किले से आज प्रधानमंत्री नरेंदर मोदी कश्मीर मुद्दे पर, तीन तलाक और काले धन के मुद्दे समेत कुछ अहम् मुद्दों पर बात की जिनसे एक तस्वीर साफ़ हो जाती है...

यूपी में मदरसों को इलाहाबाद हाईकोर्ट का झटका, गाना होगा राष्ट्रगान
राहुल गाँधी की पीएम मोदी को जादू की झप्पी, कान में कहा कुछ ऐसा की हंस पड़े मोदी
अब जल्द ही आपके हाथों में होगा 200 का नोट, कल हो रहा लांच

लाल किले से आज प्रधानमंत्री नरेंदर मोदी कश्मीर मुद्दे पर, तीन तलाक और काले धन के मुद्दे समेत कुछ अहम् मुद्दों पर बात की जिनसे एक तस्वीर साफ़ हो जाती है की भाजपा सरकार का अगले दो साल तक इन 4-5 मुद्दों पर विशेष फोकस रहेगा.

प्रधानमंत्री ने कहा कि, “तो गाली से और न ही गोली से कश्मीर समस्या को हल किया जा सकता है, कश्मीरियों को गले लगाकर ही मसला सुलझाया जा सकता है”. काले धन पर उन्होंने कहा कि हमने 3 साल के अन्दर 120 लाख करोड़ का कालाधन पकड़ा, और छिपे हुए काले धन को मुख्यधारा में लाये.

अपने भाषण में श्री मोदी जी ने कहा, “हम कश्मीर को स्वर्ग के रूप में लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं. जम्मू कश्मीर का विकास, उन्नति, सपनों को पूरा करने का प्रयास हो. कश्मीर को फिर से स्वर्ग बनाएं, इसको लेकर हम प्रतिबद्ध हैं. बयानबाजी होती है, एक-दूसरे को गाली देने को तैयार रहता है”.

उन्होंने अलगाववादीयों पर निशाना साधते हुए कहा कि, “मुट्ठीभर अलगाववादी नए फैसले लेते हैं, पैंतरे करते हैं. न गाली से समस्या सुलझने वाली है, ना गोली से सुलझने वाली है, समस्या सुलझने वाली है गले लगाने से. इस संकल्प को लेकर हम आगे बढ़ रहे हैं”

“आतंकवाद के खिलाफ नर्मी नहीं बरती जाएगी. बार-बार हमने कहा है कि आप मुख्य धारा में आइए, लोकतंत्र में बात करने का अधिकार है मुख्यधारा ही हर किसी के जीवन में नई ऊर्जा भर सकती है, हमारे सुरक्षा बलों के प्रयास से बड़ी मात्रा में नौजवानों ने सरेंडर किया, मुख्यधारा से जुड़ने की कोशिश की”. उन्होंने कहा, कश्मीर में इस साल 132 आतंकी मारे गए, और पत्थरबाज़ी की 424 घटनाएं हुईं.

उन्होंने तीन तलाक पर बोलते हुए कहा की, “तीन तलाक के मसले पर सुप्रीम कोर्ट में 5 जजों की बेंच सुनवाई कर रही है, सुनवाई के दौरान केंद्र भी यह दलील दे चुका है कि वह तीन तलाक के खिलाफ है”

आगे बढ़ते हुए वो बोले, बेंच तीन सवालों के जवाब ढूंढ रही है-

1. क्या तीन तलाक और हलाला इस्लाम के जरूरी हिस्से हैं या नहीं?

2. तीन तलाक मुसलमानों के लिए माने जाने लायक मौलिक अधिकार है या नहीं?

3. क्या यह मुद्दा महिला का मौलिक अधिकार हैं? इस पर आदेश दे सकते हैं?

आपको बता दें कि मुस्लिम महिलाओं की ओर से 7 पिटीशन्स दायर की गई हैं, इनमें अलग से दायर की गई 5 रिट पिटीशन भी हैं, इनमें दावा किया गया है कि तीन तलाक अनकॉन्स्टिट्यूशनल है.

उन्होंने भारतभूमि के बारे में बोलते हुए कहा कि ये महात्मा गांधी और महात्मा बुद्ध की भूमि है, सबको साथ लेकर चलना हमारी परम्परा है. कभी कभी लोग आस्था के नाम पर देश का तानाबाना उलझाने की कोशिश करते है. ये देश स्वीकार नहीं कर सकता, मैं देशवासियों से आग्रह करूंगा कि तब भारत छोड़ो नारा था, आज भारत जोड़ो नारा है, हर व्यक्ति, तबके और समाज के साथ आगे बढ़ना है.

COMMENTS