नोटबंदी एक ऐतिहासिक कदम लेकिन हर बीमारी का ईलाज नहीं- अरुण जेटली

नोटबंदी एक ऐतिहासिक कदम लेकिन हर बीमारी का ईलाज नहीं- अरुण जेटली

8 नवम्बर को नोटबंदी को एक साल होने जा रहा है. नोटबंदी की पूर्व संध्या पर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने एक साल पूरा होने पर प्रेस कांफ्रेस करते हुए नोटबंद...

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8 नवम्बर को नोटबंदी को एक साल होने जा रहा है. नोटबंदी की पूर्व संध्या पर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने एक साल पूरा होने पर प्रेस कांफ्रेस करते हुए नोटबंदी का विरोध करने वालों पर जमकर निशाना साधा. नोटबंदी को लूट बताने वालों से जेटली ने पूछा की 2G स्पेक्ट्रम और CWG क्या था.

अरुण जेटली ने कहा की बहुत से लोग नोटबंदी को हर बीमारी का ईलाज मानने लगे थे लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं है. नोटबंदी से बहुत सी समस्याओं का निदान हुआ, ऐसी कुछ गंभीर समस्याएं जो देश और इसकी अर्थव्यवस्था को अंदर ही अंदर खाए जा रही थी, उनका निदान नोटबंदी से ही संभव हुए है.

आपको बता दें की बीते वर्ष 8 नवम्बर को मोदी जी ने नोटबंदी की घोषणा करके दुनिया को चौंका दिया था. इस नोटबंदी में मोदी सरकार द्वारा 500 और 1000 रूपए के सभी पुराने नोटों को बंद कर दिया था. वित्तमंत्री के अनुसार अर्थव्यवस्था के भविष्य को उस वक्त बदलना जरूरी हो गया था. उस दिन के बाद से देश में नगद की बजाय केसलेस लेनदेन को बढ़ावा मिला है.

उन्होंने कहा की भारत को कैश करंसी सबसे ज्यादा इस्तेमाल करने वाले देशों में गिना जाता था. यही कारन था की देश में टैक्स की चोरी भी बहुत होती थी. ऐसा विचार है की नोटबंदी के बाद से देश में भ्रष्टाचार समाप्त हो जायेगा, जिसका प्रतिफल भी मिलना शुरू हो गया है. जेटली ने कहा की इससे पहले जीडीपी में 12.3 प्रतिशत कैश की हिस्सेदारी थी. पिछले कुछ समय में हमारी सरकार ने कई तरह के ठोस निर्णय लिए जैसे बेनामी कानून, काला धन कानून आदि. नोटबंदी जैसे बड़े कदम ने अर्थव्यवस्था के एजेंडे में बड़ा बदलाव किया, कैश अर्थव्यवस्था से लेस कैश अर्थव्यवस्था की तरफ हम बढ़ रहे है.

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