बजट 2018: क्या होगा जेटली की पोटली में- जानिए कितना ख़ास होगा आम बजट ?

बजट 2018: क्या होगा जेटली की पोटली में- जानिए कितना ख़ास होगा आम बजट ?

मोदी सरकार का आखिरी और वित्त मंत्री अरुण जेटली का पांचवा बजट पेश होने में बस कुछ ही समय शेष रह गया है. ऐसे में उम्मीद लगाई जा रही है कि मोदी सरकार 201...

BSNL का नया धमाका, सिर्फ 27 रूपए में उतारा अनलिमिटेड कालिंग और डाटा प्लान
दिवाली की रात लक्ष्मी पूजन के बाद क्यों बनाया जाता है जादुई काजल, जानिए इसका रहस्य
आपके लिए विशेष पोस्ट: लू- होती है जानलेवा, जानिए- लू के कारण- लक्षण और बचाव

मोदी सरकार का आखिरी और वित्त मंत्री अरुण जेटली का पांचवा बजट पेश होने में बस कुछ ही समय शेष रह गया है. ऐसे में उम्मीद लगाई जा रही है कि मोदी सरकार 2019 के आम चुनावों को देखते हुए लोक लुभावन घोषणाएं करके वाहवाही बटोरेगी या फिर आर्थिक सुधारों को जारी रखते हुए आम आदमी की झोली को तोहफों की बजाये देगी महज सांत्वना. ख़बरें तो यहाँ तक है कि इस बजट में कुछ भी महंगा या सस्ता होने की बजाये हर तबके के लिए कोरा ही रहने की उम्मीद है.

इस बार ये बजट कुछ मामलों में अहम माना जा रहा है. सरकार के लिए राहत भरी बात है कि आने वाला साल विकास दर के मामले में अच्छा रहने की उम्मीद जताई जा रही है. आर्थिक सर्वे के अनुसार आने वाले साल की विकास दर में एक फीसदी तक उछाल संभव है. एक रिपोर्ट के मुताबिक वैश्विक अर्थव्यवस्था में बढ़ते कदम से विकास दर अच्छी होने का फायदा केंद्र सरकार को मिलेगा. इससे आशा जताई जा रही है की आने वाले दिनों में नई नौकरियां अपेक्षाकृत अधिक पैदा होगी और आर्थिक गतिविधियाँ भी तेज होने के आसार है. जिसका फायदा मोदी सरकार को आने वाले आम चुनावों में मिल सकता है.

आर्थिक मामलों के जानकारों के अनुसार GST की वजह से पैदा हुई परेशानियों को लगातार किये जा रहे सुधारों की बदौलत जल्द ही दूर कर लिया जायेगा, जो मोदी सरकार को राहत प्रदान करने का काम करेंगे. जिस तरह से GST की वजह से व्यापारियों और छोटे कारोबारियों में जो नाराजगी हुई उसे GST में सुधारों से दूर भी किया जायेगा और राजस्व में भी भारी इजाफा होने की उम्मीद है.

केंद्र सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती है किसानों की आमदनी दुगुनी करने के लक्ष्य को हासिल करना. एक ओर जहाँ कर्जमाफी की पुरे देश में पुरजोर मांग उठ रही है वहीँ आत्महत्या करते किसानों का मुद्दा भी सरकार के सामने एक ज्वलंत मुद्दा है. इस स्थिति में इस बजट को अहम माना जाना स्वाभाविक है. आगामी चुनावों को देखते हुए और अर्थव्यवस्था में मजबूती के दावे के सहारे मोदी सरकार द्वारा कोई बड़ी कल्याणकारी योजना का ऐलान कर देना कोई नया तीर नहीं कहा जायेगा. 2019 के चुनावी सफ़र को आसान करने के कदम को केंद्र सरकार भूल से भी उठाने से नहीं हिचकिचाएगी.

COMMENTS