भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना की मोदी और जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने रखी आधारशिला

भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना की मोदी और जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने रखी आधारशिला

भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना की आधारशिला रखने का समारोह साबरमती रेलवे स्टेशन के पास स्थित एथलेटिक स्टेडियम में आयोजित हुआ. अहमदाबाद से मुंबई के ब...

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भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना की आधारशिला रखने का समारोह साबरमती रेलवे स्टेशन के पास स्थित एथलेटिक स्टेडियम में आयोजित हुआ. अहमदाबाद से मुंबई के बीच बहुप्रतीक्षित बुलेट ट्रेन की गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने आधारशिला रखी.
1.09 करोड़ की लागत से तैयार होने वाली भारत की क्रांतिकारी रेल परियोजना की शुरुआत की घोषणा मोदी और आबे ने बटन दबाकर की. आपको बता दें कि जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे दो दिन की भारत यात्रा पर आये हुए है, और भारत के साथ बुलेट ट्रेन के अलावा रक्षा से जुड़े कई अहम् मुद्दों पर भी सहयोग बढ़ाने सम्बन्धी समझोतों पर सहमती बनने के आसार है. जापान इंटरनेशनल कॉर्पोरेशन एजेंसी (जेआइसीए) और केंद्रीय रेल मंत्रालय ने 508 किलोमीटर लंबे गलियारे वाली इस परियोजना के लिए भी एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं.

750 लोगों की यात्री क्षमता वाली बुलेट ट्रेन से दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय सात घंटे से कम होकर करीब तीन घंटे होने की उम्मीद है. यह ट्रेन बांद्रा कुर्ला कॉम्पलेक्स से शुरू होकर ठाणे, विरार, बोईसर, वापी, बिलीमोरा, सूरत, भरूच, वडोदरा, आणंद, अहमदाबाद के रास्ते से होती हुई 10 स्टेशन क्रॉस करके साबरमती पहुंचेगी. इनमे से मात्र चार स्टेशन ही महाराष्ट्र के ही बाकि आठ स्टेशन गुजरात में आते है. इस रूट के मुताबिक ठाणे और वसई के बीच कुल 7 किलोमीटर की दुरी समंदर के नीचे से तय की जाएगी.

बुलेट ट्रेन अपनी तेज रफ्तार और वक्त की पाबंद रहने के लिए जानी जाती है, आज तक के रिकॉर्ड के अनुसार इसका अधिकतम देरी का समय 60 सेकंड है. यही वजह है कि देश के हेवी ट्रैफिक रूटों पर इसकी जरूरत महसूस की जा रही थी और अब मुंबई-अहमदाबाद से इसकी शुरुआत हो रही है. अगले 6 महीनों में इस पर काम भी शुरू हो जायेगा, इस परियोजना के 2022 तक पूरा होने की उम्मीद है.

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