राम रहीम ने सीबीआई कोर्ट के फैसले को दी हाई कोर्ट में चुनौती

राम रहीम ने सीबीआई कोर्ट के फैसले को दी हाई कोर्ट में चुनौती

साध्वी रेप केस मामले में 20 वर्ष के कारावास की सजा भुगत रहे डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम ने सीबीआई की विशेष अदालत के फैसले को पंजाब-हरिया...

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साध्वी रेप केस मामले में 20 वर्ष के कारावास की सजा भुगत रहे डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम ने सीबीआई की विशेष अदालत के फैसले को पंजाब-हरियाणा हाइकोर्ट में चुनौती दी है. राम रहीम ने इस फैसले को चुनौती सजा सुनाए जाने के 43 बाद शनिवार को दी है. राम रहीम की ओर से शनिवार को दायर याचिका पर सोमवार को सुनवाई होने की संभावना है.

इससे पूर्व पुलिस डेरा सच्चा सौदा के तमाम राज खंगालने के लिए लगातार बाबा राम रहीम की सहयोगी हनीप्रीत से पूछताछ में जुटी हुई है. हनीप्रीत को पुलिस ने 3 अक्टूबर को अरेस्ट किया था. पुलिस को हनीप्रीत से पूछताछ के लिए 6 दिनों की रिमांड मिली है, जिनमें से चार दिन बीत जाने के बावजूद भी अब तक पुलिस को कुछ विशेष जानकारी नहीं मिल सकी है.

पुलिस का आरोप है की हनीप्रीत जांच में सहयोग नहीं कर रही है, पुलिस का कहना है कि वह पुलिस को बरगलाने की कोशिश कर रही है. इसे देखते हुए पुलिस हनीप्रीत का नार्को टेस्ट कराने का विचार कर रही है. इस बीच शनिवार को हनीप्रीत के ड्राइवर राकेश को भी पंचकूला कोर्ट में पेश किया जा चुका है. इस दौरान कोर्ट ने राकेश को भी तीन दिनों की पुलिस रिमांड में रखने का आदेश दिया है. पुलिस राकेश के जरिए अब बाबा और हनीप्रीत की साजिशों के राज तलाशने में जुटी हुई. पुलिस को अंदेशा है की राकेश से बहुत ही महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है.

पुलिस सूत्रों के मुताबिक हनीप्रीत ने पुलिस से पूछताछ के दौरान कई बार अपने बयान बदले हैं जिसे देखते हुए पुलिस आने वाले दिनों में अदालत से हनीप्रीत का नार्को टेस्ट कराने की अनुमति मांग सकती है. दरअसल सिर्फ 6 दिन के रिमांड में पुलिस के पास टाइम कम और हनीप्रीत से पूछताछ कर ज्यादा से ज्यादा खुलासे हासिल करवाने की चुनौती ज्यादा है. पुलिस को कोर्ट में अपना पक्ष रखना है. यह पता लगाने की चुनौती है कि हनीप्रीत 38 दिन तक कहाँ रुकी, किसकी मदद ली और पंचकूला दंगों में उसकी क्या और कितनी भूमिका रही. हालाँकि पुलिस के हाथ अभी तक कुछ भी नहीं आया है.ऍम

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