राहुल गाँधी का बड़ा कमाल, पोरबंदर और अहमदाबाद के बीच गायब किये 20 लाख बेरोजगार

राहुल गाँधी का बड़ा कमाल, पोरबंदर और अहमदाबाद के बीच गायब किये 20 लाख बेरोजगार

कांग्रेस हो या बीजेपी या फिर कोई अन्य दल, सभी गुजरात में वोटरों को लुभाने की पुरजोर कोशिश में लगे हुए है. जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आते जा रहे है, वैसे ही...

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कांग्रेस हो या बीजेपी या फिर कोई अन्य दल, सभी गुजरात में वोटरों को लुभाने की पुरजोर कोशिश में लगे हुए है. जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आते जा रहे है, वैसे ही सभी पार्टियां अपने पक्ष में माहौल बनाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाने में कोई कोर कसार नहीं छोड़ना चाहती. अपने विरोधी दल को फंसाने के लिए सभी दल जुगत बनाने की होड़ किये हुए है. ऐसे स्थिति में कभी कभी किसी नेता द्वारा पेश किये गए आंकड़े उनकी ही गले की फांस बन जाते है और विरोधियों से लेकर शोशल मीडिया तक में हंसी का पात्र बनना पड़ता है.

ऐसा ही वाक्या हुआ गुजरात में राहुल गांधी के साथ. कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गाँधी खुद गुजरात चुनाव की कमान संभाले हुए हैं. एक महीने से भी ज्यादा वक्त से राहुल गाँधी गुजरात में डेरा डाले हुए है और लगातार जनसंपर्क अभियान चलाये हुए है. 24 नवम्बर को राहुल गाँधी ने गुजरात में बेरोजगारी का हवाला देते हुए एक आंकड़े के द्वारा केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश की, लेकिन शाम होते होते उनके आंकड़े में 20 लाख का फासला आ गया. दरअसल राहुल गाँधी ने सुबह पोरबंदर में एक रैली की जिसमे उन्होंने जन्सभी को संबोधित करते हुए कहा की गुजरात में 50 लाख लोग बेरोजगार है. कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा की जब गुजरात में बड़े पैमाने पर फैक्टरियां लगाने के दावे किये जा रहे है तो लोग इतने बड़े पैमाने में बेरोजगार क्यों है? इसके मात्र कुछ ही घंटे बाद राहुल गाँधी ने दोपहर बाद अहमदाबाद में फिर एक रैली को संबोधित करते हुए गुजरात के युवाओं में बेरोजगारी का हवाला देते हुए कहा की गुजरात में 30 लाख युवा बेरोजगार खड़े है.

राहुल गाँधी द्वारा एक ही दिन में आंकड़ो के इतने बड़े लेवल पर फेरबदल करने पर सोशल मीडिया पर चर्चा बनी हुई है. लोग जमकर खिंचाई भी कर रहे है. हालाँकि गलत आंकड़े पेश करने पर उनकी छवि पर नेगेटिव प्रभाव पड़ रहा है.

 

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