आओ वास्तु सीखें-5: किस दिशा में कितनी जगह छोड़कर घर बनायें और इसके वास्तु दोष दूर करने के उपाय

आओ वास्तु सीखें-5: किस दिशा में कितनी जगह छोड़कर घर बनायें और इसके वास्तु दोष दूर करने के उपाय

वास्तु विज्ञान बहुत सरल है जिसे कोई भी व्यक्ति महज कुछ समय में ही सीख सकता है और ये इतना शक्तिशाली है की इसको सीखने के बाद आप यक़ीन मानिए, आपके लिए दु...

वास्तु क्या होता है और इसका हमारे लिए क्या महत्व है? जानिए वास्तुशास्त्र से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी
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वास्तु विज्ञान बहुत सरल है जिसे कोई भी व्यक्ति महज कुछ समय में ही सीख सकता है और ये इतना शक्तिशाली है की इसको सीखने के बाद आप यक़ीन मानिए, आपके लिए दुनिया में कुछ भी करना असंभव नही रहेगा. हम चाहते है की आप सभी, मेरे प्रिय पाठक इस विज्ञान को सीखें और ना सिर्फ अपनी परेशानियों को स्वयं दुर करने में सक्षम बने बल्कि अपने मित्र और रिश्तेदारों का भी मार्गदर्शन करें. आप थोड़ी से मेहनत करके मात्र तीन महीनों में ही वास्तु में पारंगत हो जायेंगे, ऐसा हमारा विश्वास है.aao vastu sikhen

इसी कड़ी में आज का ज्ञान- क्रमांक 5

किस दिशा में कितनी जगह छोड़कर घर बनाये (सेड बैक एरिया)

किसी भी भवन का निर्माण करते समय वास्तु के हिसाब से सबसे ज्यादा खुली जगह उत्तर दिशा में होनी चाहिए, उत्तर से कम पुर्व दिशा में, पुर्व से कम पश्चिम दिशा में और पश्चिम से कम दक्षिण दिशा में हो तो ऐसे भवन सर्वश्रेष्ठ होते हैं. अर्थात सबसे ज्यादा उत्तर दिशा में और सबसे कम दक्षिण दिशा में सेड बैक एरिया छोड़कर घर बनाना ज्यादा शुभ होता है.aao vastu sikhen

इस नियम को बड़ी जगहों पर या फ़ार्म हाउस में तो लागु किया जा सकता है पर शहरों में जगह की कमी की वजह से संभव नही है क्योंकि यहाँ सरकारी नियमों के हिसाब से सेड बैक एरिया छोड़ना पड़ता है ऐसी स्थिति में वास्तु दोष कम करने के लिए उत्तर दिशा का फर्श लेवल सबसे नीचा रखें, पुर्व दिशा का उत्तर से ऊँचा, पुर्व से पश्चिम का फर्श ऊँचा व पश्चिम से दक्षिण दिशा का फर्श ऊँचा रखने से सेड बैक एरिये से उत्पन्न हुऐ वास्तु दोषों के दुष्प्रभाव को बहुत कम किया जा सकता है.

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