अब बच्चों को मिलेगा बस्ते के बोझ से छुटकारा, इन कक्षाओं के बच्चों को नहीं मिलेगा होमवर्क

अब बच्चों को मिलेगा बस्ते के बोझ से छुटकारा, इन कक्षाओं के बच्चों को नहीं मिलेगा होमवर्क

जब भी हम स्कुल जाने वाले बच्चों की पीठ पर लदा भारी-भरकम बस्ता देखते हैं तो बस्ते के बोझ को देखकर मन में सवाल जरुर उठता होगा. लेकिन अब सरकार ने इन भारी...

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जब भी हम स्कुल जाने वाले बच्चों की पीठ पर लदा भारी-भरकम बस्ता देखते हैं तो बस्ते के बोझ को देखकर मन में सवाल जरुर उठता होगा. लेकिन अब सरकार ने इन भारी बस्तों को हल्का करने का मन बना लिया है. MHRD (केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय) ने बच्चों के बस्ते का बोझ तय कर दिया है. इसके लिए पहली कक्षा से लेकर दसवीं तक के बच्चों के बस्ते के लिए गाइडलाइन जारी की गई है. इस गाइडलाइन के अनुसार दसवीं तक के बच्चे अधिकतम पांच किलोग्राम के बस्ते ले जा सकेंगे.school bag

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने शिक्षा विभाग को पत्र लिखकर कहा है की पहली और दूसरी कक्षा तक के बच्चों को होमवर्क ना दिया जाये. 20 नवम्बर को लिखे इस पत्र के मुताबिक कक्षा पहली से दूसरी तक भाषा, गणित विषय से संबंधित केवल दो ही किताबें अनिवार्य हैं, जबकि कक्षा तीसरी से पांचवीं तक भाषा, ईवीएस, गणित विषय की केवल एनसीईआरटी पाठयक्रम की पुस्तकें अनिवार्य की गई हैं.

MHRD ने सभी राज्यों के अलावा केंद्र शासित प्रदेशों को नोटिस जारी किया है और सभी को इन निर्देशों का पालन करना अनिवार्य किया है. MHRD ने बस्तों का वजन तय करते हुए कहा है की कक्षा एक और दो में पढ़ने वाले बच्चे 1.5 किलो ग्राम, कक्षा तीन, चार और पांच के बच्चे 2-3 किलो ग्राम, कक्षा छह और सात में पढ़ने वाले बच्चे 4 किलो ग्राम, कक्षा आठ और नौ में पढ़ने वाले 4.5 किलो ग्राम और कक्षा दस में पढ़ने वाले 5 किलोग्राम तक भार के बस्ते स्कूल लेकर जाएंगे.

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