अब मासूमों से रेप पर सीधे मिलेगी फांसी, केंद्र ने शुरू की कानून में बदलाव की प्रक्रिया

अब मासूमों से रेप पर सीधे मिलेगी फांसी, केंद्र ने शुरू की कानून में बदलाव की प्रक्रिया

देश में हाल ही में हुए रेप के मामलों ने हर देशवासी को झकझोर कर रख दिया है. एक ओर जहाँ इन घटनाओं से लोगों में गुस्से का माहौल है वहीँ दूसरी ओर केंद्र स...

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देश में हाल ही में हुए रेप के मामलों ने हर देशवासी को झकझोर कर रख दिया है. एक ओर जहाँ इन घटनाओं से लोगों में गुस्से का माहौल है वहीँ दूसरी ओर केंद्र सरकार के तेवर भी अब कुछ कड़े नज़र आ रहे हैं. वैसे तो काफी लम्बे समय से रेपिस्ट के लिए कड़ी सज़ा की मांग चली आ रही है लेकिन हाल ही में जम्मू एवं कश्मीर के कठुआ जिले में आठ साल की बच्ची के साथ गैंगरेप की घटना के बाद ये मांग और भी तेज हो गई है. अब केंद्र सरकार ने भी स्पष्ट कर दिया है की रेप जैसी घटनाओं की पुनरावृति को रोकने के लिए बलात्कारी के लिए कम से कम फांसी की सजा तय की जाये और इसके लिए कानून में आवश्यक संसोधन किया जाए.

केंद्र सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान कहा गया है की 12 साल तक की उम्र के बच्चों के साथ रेप के दोषी को फांसी की सजा दिए जाने की व्यवस्था की जा रही है. एक चिट्ठी के माध्यम से केंद्र सरकार ने कहा है की, ‘कि 12 साल तक के बच्चों के साथ रेप के दोषी को अधिकतम फांसी की सजा का प्रावधान किया जाएगा और इसके लिए केंद्र सरकार POCSO कानून में बदलाव करने जा रही है.’ अब इस मामले की अगली सुनवाई अगले शुक्रवार को की जाएगी.

मासूम बच्चियों से रेप के मामले में अपराधियों को फांसी की सज़ा दिलाने हेतु महिला आयोग दिल्ली की अध्यक्षा स्वाति मालीवाल राजघाट पर अनशन पर बैठी है. उन्होंने कहा है की जब तक उनक मांग नहीं मानी जाएगी, उनका अनशन जारी रहेगा. उनकी मांग है की रेप के मामलों के लिए फास्ट ट्रैक अदालतें स्थापित की जाए और अधिकतम छः माह में मामले का निपटारा करके दोषी को सजा दी जाये.

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सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सराकर द्वारा भेजी गई चिट्ठी में कहा गया है कि 12 साल तक के बच्चों के साथ रेप के दोषी को अधिकतम फांसी की सजा का प्रावधान किया जाएगा और इसके लिए केंद्र सरकार POCSO कानून में बदलाव करने जा रही है।इस मामले में अब 27 अप्रैल को सुनवाई होगी। केंद्र सरकार इस पर जल्द ही कानून ला सकती है। इनदिनों देश में लोग इसके लिए काफी समय से मांग भी कर रहे हैं। हाल ही में जम्मू एवं कश्मीर के कठुआ जिले में आठ साल की बच्ची के साथ गैंगरेप की घटना के बाद ये मांग और भी तेज हो गई है

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