अगर आप भी खाते हैं चावल तो हो जाएँ सावधान, हो सकता है गंभीर बिमारियों का खतरा

अगर आप भी खाते हैं चावल तो हो जाएँ सावधान, हो सकता है गंभीर बिमारियों का खतरा

आज के समय में चावल के बिना खाना अधुरा माना जा सकता है. हम से अधिकतर भारतियों के खाने में चावल का प्रयोग होता ही है. लेकिन अब इस खबर को पढने के बाद आप ...

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आज के समय में चावल के बिना खाना अधुरा माना जा सकता है. हम से अधिकतर भारतियों के खाने में चावल का प्रयोग होता ही है. लेकिन अब इस खबर को पढने के बाद आप चावल खाने से पहले सौ बार सोचेंगे. कई स्टडी में शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि आप अगर रोजाना खाने में चावल ले रहे हैं, तो आप खतरनाक जहरीले रसायन भी शरीर में पहुंचा रहे हैं. इस जहरीले रसायन का नाम है ‘आर्सेनिक’ (Arsenic).चावल के नुकसान

स्टडी में कहा गया है की चावल में मौजूद आर्सेनिक की मात्रा अतनी अधिक है की उसे नज़रंदाज़ नहीं किया जा सकता. शोधकर्ताओं के मुताबिक, आर्सेनिक के शरीर में पहुंचने के बाद ये जहरीला रसायन लोगों में कैंसर, दिल संबंधी बीमारी, डायबिटीज और कई दूसरी गंभीर बीमारियों का खतरा काफी हद तक बढ़ा देता है.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आमतौर पर आर्सेनिक रसायन मिट्टी में पाया जाता है, जिस कारण इसका थोड़ा असर मिट्टी से उगने वाली खाने की चीजों में भी आ जाता है. लेकिन उनमें इसका स्तर बहुत कम होता है, जिस कारण इससे सेहत को नुकसान नहीं पहुंचता है.चावल के नुकसान

स्टडी में चावल की फसल के उगने से लेकर उसके पकने तक की सभी परिस्थितियों का बारीकी से अध्ययन किया गया. रिपोर्ट के अनुसार चावल की फसल बाकी फसल से अलग तरह उगती है. चावल की फसल में अधिक पानी का इस्तेमाल किया जाता है और ज्यादा पानी में डूबी रहने की वजह से आर्सेनिक रसायन पानी में घुल जाता है और चावल की फसल इस जहरीले रसायन को भारी स्तर पर एब्सोर्ब कर लेती है. स्टडी में दावा किया गया है कि यही एक ख़ास कारण है जिसकी वजह से चावल में दूसरी चीजों के मुकाबले 10 से 20 फीसदी ज्यादा आर्सेनिक रसायान पाया जाता है.

बेलफास्ट की क्वीन्स यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर एंडी मेहार्ग का मानना है कि चावल में मौजूद आर्सेनिक नाम के जहरीले रसायन से आपको कितना खतरा होगा ये इस बात पर भी निर्भर करता है कि आप कितने चावल खाते हैं. प्रोफेसर एंडी मेहार्ग की रिपोर्ट के अनुसार, सप्ताह में एक या दो बार चावल खाने से सेहत को ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचता है. लेकिन छोटे बच्चों को चावल के सेवन से दूर रखना ही बेहतर होगा.चावल के नुकसान

हालाँकि, इससे होने वाले नुक्सान को कम करने हेतु प्रोफेसर मेहार्ग ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है की चावल को अगर आप ज्यादा पानी यानी 1 कटोरी चावल में 5 कटोरी पानी का इस्तेमाल कर पकाते हैं, तो इससे चावल में मौजूद आर्सेनिक रसायन के स्तर को कम किया जा सकता है.

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