बहुत खतरनाक है इन राज्यों के लिए अगले 72 घंटे, मौसम विभाग ने जारी की भारी बारिश की चेतावनी

बहुत खतरनाक है इन राज्यों के लिए अगले 72 घंटे, मौसम विभाग ने जारी की भारी बारिश की चेतावनी

उत्तर भारत के कई राज्यों और खास कर उत्तराखंड में इन दिनों बारिश का कहर टुटा हुआ है. पहाड़ों से लेकर मैदानी भागों तक में लगातार मानसूनी बारिश लोगों पर आ...

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उत्तर भारत के कई राज्यों और खास कर उत्तराखंड में इन दिनों बारिश का कहर टुटा हुआ है. पहाड़ों से लेकर मैदानी भागों तक में लगातार मानसूनी बारिश लोगों पर आफत बनकर टूट रही है. भारी बारिश के कारण कई नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर बह रही है तो कहीं पर बाढ़ ने उत्पात मचाया हुआ है. उत्तराखंड में जगह-जगह पर भूस्खलन होने के कारण आवागमन बाधित हो गया है. राष्ट्रीय राजमार्ग बंद होने के कारण चार धाम यात्रा पर भी असर पड़ रहा है.

मौसम विभाग के अधिकारी ने बताया कि दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में शाम या रात को हल्की बारिश होने की संभावना है. नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा और कोंकण और गोवा में भी मानसून का मिजाज ठीक नहीं है. यहां भी आज भारी बारिश की आसार हैं. ऐसे में मौसम वैज्ञानिकों ने मछुआरों को चेतावनी दी है कि वे सागर के किनारे और गुजरात तट पर न जाएं. वहीँ, मौसम विभाग ने कहा है की हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी राजस्थान के कुछ इलाकों में 6 अगस्त से मौसम बदलने के आसार है और हलकी से मध्यम बारिश हो सकती है.

मौसम विभाग ने उत्तराखंड के सात जिलों के लिए चेतावनी जारी करते हुए कहा है की इन जिलों में अगले 72 घंटों में भारी बारिश हो सकती है. मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन भी अलर्ट पर है. विभाग के अनुसार सबसे अधिक खतरे में हरिद्वार, पौड़ी, चमौली, देहरादून, पिथौरागढ़, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर में अगले 72 घंटों में भारी बारिश हो सकती है. मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को अलर्ट पर रखा गया है.

गौरतलब है की भारी बारिश ने पिछले कुछ दिनों से उत्तराखंड के जनजीवन को बुरी तरह से प्रभावित किया हुआ है. केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के रास्तों पर बारिश के कारण जगह-जगह भूस्खलन होने से आवागमन बाधित हो गया है. पहाड़ी इलाकों के अलावा मैदानी भू-भाग पर भी बारिश के कारण भारी क्षति हुई है. कुछ इलाकों में बादल फटने की घटनाएँ भी हुई जिससे भारी तबाही हुई है. सरकार ने भारी बारिश के अलर्ट और कांवड़ मेले को ध्यान में रखकर बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की है ताकि किसी भी आपातकाल की स्थिति से निपटा जा सके.

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