अमृतसर ट्रेन हादसा: मातम में बदला उल्लास का पर्व दशहरा, पांच सेकंड में लील ली 61 जिंदगियां

अमृतसर ट्रेन हादसा: मातम में बदला उल्लास का पर्व दशहरा, पांच सेकंड में लील ली 61 जिंदगियां

विजयदशमी के दिन अमृतसर के दशहरा मेले में रावण का दहन देख रही भीड़ पर दौड़ी ट्रेन ने महज पांच सैकंड में ही इस उल्लास के पर्व को मातम में बदल कर रख दिया...

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विजयदशमी के दिन अमृतसर के दशहरा मेले में रावण का दहन देख रही भीड़ पर दौड़ी ट्रेन ने महज पांच सैकंड में ही इस उल्लास के पर्व को मातम में बदल कर रख दिया. रेलवे ट्रैक पर खड़े होकर रावण दहन देख रही भीड़ पर अचानक आई तेज रफ्तार ट्रेन चढ़ गई. ट्रेन की रफ्तार इतनी अधिक थी कि जब तक लोगों को समझने का मौका मिलता, मौत बनकर दौड़ी ट्रेन 50 से ज्यादा जिंदगियों की लाशें बिछा दी. इसमें कम से कम 61 लोगों की मौत हो गई, जबकि 51 लोग घायल हो गए.अमृतसर ट्रेन हादसा

यह हादसा अमृतसर के जोड़ा फाटक के पास हुआ. इस दौरान 400 के करीब लोग पटरियों के पास मैदान में रावण का दहन देख रहे थे. अधिकारीयों के अनुसार रावण के पुतले में पटाखे फूटने के बाद भीड़ पीछे की तरफ हटी. इसी बीच जालंधर-अमृतसर लोकल ट्रेन आ गई और लोगों को रौंदती हुई गुजर गई. इससे ठीक पहले दूसरे ट्रैक से अमृतसर-हावड़ा एक्सप्रेस गुजरी थी.

खबरों के अनुसार घायलों को एम्बुलेंस और यथा उपलब्ध वाहनों से अस्पतालों में ले जाया गया. मौके पर 58 शवों को बरामद किया गया. शवों के कई टुकड़े हो जाने से मृतकों की सही जानकारी जुटाना मुश्किल हो रहा है. मरने वालों की संख्या में बढ़ोतरी हो सकती है. हादसे के शिकार हुए लोगों में महिलाऐं और बच्चे भी शामिल है. अमृतसर ट्रेन हादसा

घटना के बाद से ही मौके पर चीख पुकार मच गई, बदहवास लोग अपने करीबियों को तलाशने लगे. क्षत-विक्षत शव घटना के घंटों बाद भी घटनास्थल पर ही पड़े थे क्योंकि नाराज लोग प्रशासन को शव हटाने नहीं दे रहे थे.

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