अन्ना का अनशन ख़त्म, आखिरकार सात दिन बाद सरकार ने मान ली मांगें

अन्ना का अनशन ख़त्म, आखिरकार सात दिन बाद सरकार ने मान ली मांगें

किसानों, लोकपाल और चुनावों में सुधार की मांगों को लेकर रामलीला मैदान में बैठे सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे का अनशन गुरूवार को खत्म हो गया. शाम करीब ...

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किसानों, लोकपाल और चुनावों में सुधार की मांगों को लेकर रामलीला मैदान में बैठे सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे का अनशन गुरूवार को खत्म हो गया. शाम करीब पांच बजे दिल्ली के रामलीला मैदान में पहुंचे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने अन्ना हजारे को जूस पिला कर सात दिनों से चल रहे उनके अनशन को खत्म कराया.

अन्ना हजारे ने अनशन समाप्ति का ऐलान करते हुए बताया कि केंद्र सरकार ने आखिरकार उनकी मांगों को मान लिया है. उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों की पैदावार को लागत के आधार पर डेढ़ गुणा ज्यादा दाम देना स्वीकार कर लिया है और लोकपाल की नियुक्ति पर भी सरकार जल्द ही फैसला लेने वाली है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इसके लिए हम केंद्र सरकार को छः महीने का वक्त देंगे अगर फिर भी केंद्र सरकार इन्हें पूरा नहीं कर पाई तो हम फिर से आन्दोलन का रास्ता अख्तियार करेंगे.

आपको बता दे कि अन्ना हजारे ने अपनी मांगों को मनवाने के लिए 23 मार्च से अनशन शुरू किया था जिसका गुरूवार को सातवाँ दिन था. बताया जा रहा है कि इन सात दिनों में भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम चलाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे का वजन सात किलो कम हो गया और उनका बीपी भी लो हो गया. उनकी मांगों में प्रमुख था कि किसानों की पैदावार का लागत के आधार पर डेढ़ गुणा दाम किया जाये, और 60 साल से ज्यादा उम्र वाले किसानों को पांच हज़ार रूपए हर महीने पेंशन मिले. इसके साथ ही लोकपाल विधेयक पारित करवाना और लोकपाल कानून लागू करवाना उनकी मांगों में प्रमुख था. इसके अलावा चुनावों में सुधार हेतु सही निर्णय लेना भी उनकी प्रमुख मांग थी.

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