नाबालिग रेप मामला: उम्रकैद की सज़ा सुनते ही सिर पकड़कर रो पड़ा आसुमल, जानिए आसाराम की पूरी कहानी

नाबालिग रेप मामला: उम्रकैद की सज़ा सुनते ही सिर पकड़कर रो पड़ा आसुमल, जानिए आसाराम की पूरी कहानी

कथावाचक और तथाकथित ‘बापू’ आसाराम को नाबालिग से रेप मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई है. जोधपुर सेंट्रल जेल में बनाई गई विशेष अदालत में जज मधुसूदन शर्...

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कथावाचक और तथाकथित ‘बापू’ आसाराम को नाबालिग से रेप मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई है. जोधपुर सेंट्रल जेल में बनाई गई विशेष अदालत में जज मधुसूदन शर्मा ने नाबालिग रेप मामले में बुधवार को अहम फैसला सुनाया. आसाराम को भारतीय दंड संहिता की धारा 376 और यौन अपराध बाल संरक्षण अधिनियम (पोस्को) के तहत दोषी करार दिया गया और उम्रकैद की सजा सुनाई गई. वहीँ उसके दो सहयोगियों को भी दोषी करार देते हुए 20-20 वर्ष की सजा सुनाई गई है

कोर्ट ने आसाराम को कहा जब तक जिन्दा हो तब तक जेल में ही रहना होगा. सजा का ऐलान सुनते ही आसाराम सिर पकड़कर रोने लगा. हालाँकि उम्र का हवाला देकर आसाराम के वकीलों ने कम सजा की मांग की थी. आसाराम का प्रमुख सेवादार शिवा और रसोइया प्रकाश बरी किए गए जबकि आसाराम, शिल्पी और शरतचंद्र दोषी करार दिए गए. सज़ा सुनाये जाने के बाद आसाराम को बैरक नंबर 2 में ले जाया गया. आसाराम की प्रवक्ता नीलम दुबे ने मीडिया से बात करते हुए कहा है कि वे इस फैसले के खिलाफ राजस्थान हाईकोर्ट जाएंगे. उन्होंने कहा की अभी तक हमारी लीगल टीम ने फैसले का अध्ययन नहीं किया है. हम केस की स्टडी के बाद ही कोई फैसला लेंगे.

आसाराम पर यूपी के शाहजहांपुर की एक नाबालिग से रेप का आरोप था. करीब चार साल पहले 15 अगस्त 2013 को आसाराम ने पीड़िता से जोधपुर के निकट मनई आश्रम में इलाज के बहाने बुलाकर रेप किया था. पीड़िता छिंदवाड़ा के आश्रम में रहकर पढ़ाई कर रही थी. पीड़िता के परिवार द्वारा 18 अगस्त 2013 को दिल्ली के रामलीला मैदान के पास कमला मार्केट थाने में आसाराम के खिलाफ एफआईआर दर्ज़ करवाई गई. मीडिया में खबर आने के बाद सरकार और पुलिस पर दबाव बढ़ा. इस तरह 16 दिन बाद आसाराम को इंदौर आश्रम से गिरफ्तार कर लिया गया.

देश-विदेश में करीब 400 से ज्यादा आश्रम और करीब 10 हज़ार करोड़ की सम्पति का मालिक आसाराम का जन्म 17 अप्रैल 1941 को शहीद बेनज़ीर ज़िला अबद, पाकिस्तान में हुआ था. 77 वर्षीय आसाराम का पूरा नाम आसुमल थाउमल हरपलानी था जिसे 1964 में बदलकर उनके गुरु ने नया नाम आसाराम दिया था. आसाराम को पत्नी लक्ष्मी देवी से पुत्र नारायण साईं और पुत्री भारती देवी नामक दो संतान हुई. साबरमती के किनारे 1972 में मोक्ष कुटीर से आध्यात्मिक गुरु का सफ़र शुरू करने के बाद दिनोंदिन आसाराम की लोकप्रियता बढ़ती गई. फिर 2013 में नाबालिग रेप केस में आसाराम को अरेस्ट करके जेल में दाल दिया गया और अब 25 अप्रैल 2018 को जोधपुर की विशेष कोर्ट ने आसाराम को उम्रकैद की सज़ा सुना दी.

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