बनिया ही क्यों होता है इतना अक्लमंद और बुद्धिमान? जानिए आप भी कितने है अक्लमंद

बनिया ही क्यों होता है इतना अक्लमंद और बुद्धिमान? जानिए आप भी कितने है अक्लमंद

जब भी अक्ल और बुद्धि की बात आती है तो लोग ‘बनिया’ का उदहारण देते है, दे भी क्यूँ नहीं? बनिए की बुद्धि सबसे तेज जो होती है. जब कोई व्यक्ति बिज़नस शुरू क...

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जब भी अक्ल और बुद्धि की बात आती है तो लोग ‘बनिया’ का उदहारण देते है, दे भी क्यूँ नहीं? बनिए की बुद्धि सबसे तेज जो होती है. जब कोई व्यक्ति बिज़नस शुरू करना चाहता है तो उसमें सबसे पहले जिस गुण की आवश्यकता होती है वो है बनिए जैसी बुद्धि. क्योंकि बिज़नस में कामयाब भी वाही होते हैं जो कम पूंजी में अधिक मुनाफा कमाकर भी दुसरे को महसूस भी नहीं होने देते. इससे जुड़ी एक कहानी मैं आपसे सांझी करना चाहता हूँ, कृपया इसे मनोरंजन की दृष्टि से ही लें, अन्यथा आपको बुरा लग सकता है.

एक गाँव में एक बनिया रहता था, उसकी बुद्धि की ख्याति दूर दूर तक फैली थी. एक बार वहाँ के राजा ने उसे चर्चा पर बुलाया,.काफी देर चर्चा के बाद राजा ने कहा- ‘महाशय, आप बहुत अक्लमंद है, इतने पढ़े लिखे है पर आपका लड़का इतना मूर्ख क्यों है? उसे भी कुछ सिखायें.चतुर बनिया

राजा ने आगे कहा, ‘उसे तो सोने चांदी में मूल्यवान क्या है यह भी नहीं पता.’ कहकर राजा जोर से हंस पड़ा. राजा की ये हरकत बनिए को बुरी तो बहुत लगी लेकिन मन मसोसकर रह गया. बनिए भारी क़दमों से घर गया और लड़के को बुलाकर पूछा, ‘सोना व चांदी में अधिक मूल्यवान क्या है?’

‘निसंदेह सोना’, बिना एक पल भी गंवाए उसके लड़के ने कहा.

‘हम्म’, ‘उत्तर तो तुम्हारा तो ठीक है, फिर राजा ने ऐसा क्यूं कहा? सभी के बीच मेरी खिल्ली भी उड़ाई.’

बनिए के लड़के को सारी बात समझ में आ गई, वह बोला, ‘राजा गाँव के पास एक खुला दरबार लगाते हैं, जिसमें सभी प्रतिष्ठित व्यक्ति शामिल होते हैं और यह दरबार मेरे स्कूल जाने के मार्ग में ही पड़ता है. हर रोज राजा मुझे देखते ही बुलवा लेते हैं, अपने एक हाथ में सोने का व दूसरे में चांदी का सिक्का रखकर, जो अधिक मूल्यवान है वह ले लेने को कहते हैं, और मैं चांदी का सिक्का ले लेता हूं.’ सभी ठहाका लगाकर हंसते हैं व मज़ा लेते हैं. ऐसा तक़रीबन हर दूसरे दिन होता है- बनिए के बेटे ने बताया.

इस बात से नाराज बनिए ने कहा, ‘फिर तुम सोने का सिक्का क्यों नहीं उठाते, चार लोगों के बीच अपनी फजिहत कराते हो व साथ मे मेरी भी.’

पिता की नाराजगी जानकार लड़का हंसा व हाथ पकड़कर पिता को अंदर ले गया. दोनों बाप-बेटे हँसते हुए बाहर आते हैं.

अब आप बताईये, अगर आप भी बुद्धिमान हैं तो उन्होंने अन्दर क्या ऐसी क्या बात की होगी?

अगर आपको नहीं पता है तो हम बता रहे हैं की बनिए की बुद्धि क्या होती है.

जैसे ही दोनों बाप-बेटे अन्दर पहुंचे-

चतुर बनिया

बेटे ने कपाट से एक पेटी निकालकर दिखाई जो चांदी के सिक्कों से भरी हुई थी. यह देख वो बनिया हतप्रभ रह गया. लड़के ने कहा: जिस दिन मैंने सोने का सिक्का उठा लिया उस दिन से यह खेल बंद हो जाएगा. राजा और उसके दरबारी मुझे मूर्ख समझकर मज़ा लेते हैं तो लेने दें, यदि मैं बुद्धिमानी दिखाउंगा तो कुछ नहीं मिलेगा. बनिये का बेटा हूँ अक़्ल से काम लेता हूँ, मूर्ख होना अलग बात है और मूर्ख समझा जाना अलग.

स्वर्णिम मौके का फायदा उठाने से बेहतर है, हर मौके को स्वर्ण में तब्दील किया जाए. बनिए को ही भगवान ने बुद्धि जैसी अमूल्य धरोहर दी है इस पर शक मत करिएगा !! बस उचित समय पर ही लगाएं.

तो दोस्तों, क्या आप भी हमारी बात से सहमत हैं? क्या आपने अपनी बुद्धि को परखा? क्या आप बता पाए की दोनों बाप-बेटे ने अन्दर जाकर क्या बात की? अगर नहीं जान पाए तो मान लीजिये की बनिए से बुद्धिमान कोई नहीं होता. अगर आपको हमारी पोस्ट पसंद आई हो तो कृपया कमेन्ट में जरुर बताएं.

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