महाशिवरात्रि विशेष: भगवान भोलेनाथ ने माता पार्वती को बताये थे सफलता के ये 6 सूत्र, आप भी जानिए

महाशिवरात्रि विशेष: भगवान भोलेनाथ ने माता पार्वती को बताये थे सफलता के ये 6 सूत्र, आप भी जानिए

भगवान भोलेनाथ हमेशा अपने भक्तजनों का मार्गदर्शन करते रहते हैं. देव, दानव या फिर मानव, सभी के लिए आराध्य देव महादेव सदैव उन्हें सही राह दिखाते है और हम...

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भगवान भोलेनाथ हमेशा अपने भक्तजनों का मार्गदर्शन करते रहते हैं. देव, दानव या फिर मानव, सभी के लिए आराध्य देव महादेव सदैव उन्हें सही राह दिखाते है और हमेशा उन्हें अध्यात्मिक जीवन की तरफ चलने के लिए प्रेरित करते हैं. कहते है की अगर भक्त हमेशा भगवान शिव के बताए मार्ग पर चलेगें तो उनको कभी निराशा हाथ नहीं लगेगी और वे सदैव खुश और कुशल रहेंगे.

देवाधिदेव महादेव का सबसे बड़ा महाशिवरात्रि का त्यौहार आने वाला है ऐसे में आज हम आपको बताते हैं की भगवान शिव की राह पर चलकर किस प्रकार से सफलता अर्जित की जा सकती है. इस बारे में शास्त्रों में एक घटना का वर्णन किया गया है जिसमें भगवान शिव माता पार्वती को बता रहें है कि किस प्रकार से सफलता मिल सकती है.tips of success

कहा जाता है की एक बार माता पार्वती ने भोले नाथ से पूछा कि अध्यात्मिक जीवन में सफलता कैसे अर्जित की जा सकती है. तब भगवान शिव ने सफलता पाने के 6 सूत्र माता पार्वती जी की बताए थे-

विश्वास: भगवान शिव कहते हैं, अपने ऊपर विश्वास रखना बहुत जरूरी है. अगर हम खुद पर विश्वास रखेंगे तो हम किसी मंजिल को आसानी से हासिल कर सकते हैं. वहीं अगर हम निराशावादी होंगे और अपने आप को दूसरों से कम आकेंगे तो लक्ष्य प्राप्ति कठिन हो जाएगी.

श्रद्धा: अपने काम के प्रति, अपने भगवान के प्रति हमेशा श्रद्धा रखनी चाहिए. धैर्य को कामयाबी की चाबी कहा जाता है. अगर हम श्रद्धा और धैर्य रखेंगे, तो हमारी हर मंजिल आसान बन जाएगी. वहीं अगर हम अपने मन को हमेशा शंकाओं से घेरकर रखेंगे, तो किसी भी काम को पूर्ण श्रद्धा के साथ नहीं कर पायेंगे और हमें कामयाबी मिलने की संभावना भी कम हो जाएगी.

सच्चा गुरु: कहते है की गुरु के बिना ज्ञान नहीं, इसलिए हर किसी के जीवन में एक सच्चे गुरु का होना बहुत आवश्यक होता है. अगर गुरु ना हो तो हम दिशाहीन हो जाएगें. गुरु का हमेशा आदर करना जरूरी है क्योंकि वो हमारे को सही राह दिखाते हैं, ईश्वर के दर्शन करवाते हैं और हमारे को लक्ष्य प्राप्ति में मद्द करते हैं.

समता का भाव: अगर इंसान हर कदम पर कामयाबी चाहते है तो उसे समता भाव रखना चाहिए. व्यक्ति को अपने आप को कभी भी ना श्रेष्ठ समझना चाहिए ना उसे खुद को किसी की तुलना में कम आंकना चाहिए. दोनों ही स्थिति में इंसान का पतन होता है और वो सफलता की सीढ़ी से नीचे गिर जाता है.tips of success

इंद्रिय निग्रह: हम अपनी विभिन्न इंद्रियों के चलते हमेशा बहुत चंचल रहते हैं. इसी वजह से हमारा मन बहुत विचलित हो जाता है और एकाग्रता बनी नहीं रहती. लेकिन हिंदू धर्म में इस बात को स्पष्ट रूप से बताया गया है कि उपासना करते समय अपनी इंद्रियों पर काबू रखना आवश्यक है. इसी प्रकार अगर सफलता चाहिए तो अपने मन को स्थिर रखना सीखना चाहिए.

सात्विक भोजन: ऐसा कहा जाता है कि आप जिस तरीके का अन्न ग्रहण करते हैं, आपका आचार भी वैसा ही हो जाता है. इसलिए भोलेनाथ कहते हैं कि अगर सफलता चाहिए तो हमेशा सात्विक भोजन ही ग्रहण करें. तामसिक भोजन ग्रहण करने से हमारे शरीर को तो नुकसान होता ही है लेकिन साथ में हमारी काम करने की क्षमता भी प्रभावित हो जाती है.