कभी भक्त ने दान में दी थी लाखों की जमीन, बुरे दिन आये तो बाबा जी ने करोड़ों में दिया दान का फल

कभी भक्त ने दान में दी थी लाखों की जमीन, बुरे दिन आये तो बाबा जी ने करोड़ों में दिया दान का फल

कहते हैं कि नेकी का फल पलटकर कई गुना होकर वापस आता है. इसी बात को चरितार्थ करती है ये घटना, जब एक भक्त ने अपने अच्छे दिनों में एक साधू बाबा को लाकों क...

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कहते हैं कि नेकी का फल पलटकर कई गुना होकर वापस आता है. इसी बात को चरितार्थ करती है ये घटना, जब एक भक्त ने अपने अच्छे दिनों में एक साधू बाबा को लाकों की जमीन दान में दी थी. लेकिन जब भक्त पर विपदा आई तो उसी साधू बाबा ने भक्त के दान का ऐसा फल दिया की अब चारों ओर उनकी जय-जयकार हो रही है.दान

दरअसल, जूनागढ़ स्थित रुद्रेश्वर जागीर आश्रम के साधु इंद्रा भारती बापू को उनके एक शिष्य ने साल 2004 में 27 बीघा जमीन आश्रम के लिए दान में दी. कुछ समय बाद सासण गीर के देवलिया गांव के रहने वाले उनके भक्त रसिकलाल एन्ड कंपनी के मालिक बाबुलीन भाई पर घोर विपदा आई और उनका व्यापार ठप्प होता चला गया. बाबुलीन भाई पर मंदी का ऐसा दौर आया की उन्हें अपनी साड़ी जायदाद बेचनी पड़ी. बुरी तरह कर्ज़ में दबे बाबुलीन के पास कर्ज़ को उतारने के लिए घर और गहने तक बेचने के अलावा ओर कोई चारा नहीं था.

साधु इंद्र भारती बापू एक क्रन्तिकारी संत के रूप में माने जाने है. जब अपने शिष्य पर खराब समय आने की बात संत इंद्र भारती बापू को पता चली तो उन्होंने शिष्य द्वारा दान में मिली जमींन वापिस देने का इरादा कर लिया. बापू जी ने श्रावण महीने के अंतिम दिन लोक डायरे का आयोजन करवाया, डायरा कार्यक्रम पूर्ण होने के बाद उसी करोडो की जमींन को अपने शिष्य को वापस देने का एलान कर दिया.

इंद्र भारती बापू के इस निर्णय की चारों ओर लोग खुले दिल से प्रशंसा कर रहे हैं. जब इस साधू को जमीन दान में दी गई थी तब इस जमीन की कीमत महज कुछ लाख थी. लेकिन अब इस जमीन की कीमत करोड़ों रूपए में है. एक साधु द्वारा इस तरह लोभ लालच का त्याग कर जो निर्णय लिया गया है, इसकी पुरे समाज में सराहना हो रही है. इंद्र भारती बापू ने समाज के एक अनोखा उदाहरण पेश किया है.दान

बापू ने कहा जब उन्होंने अपनी जमींन जायदाद बेचकर पूरा कर्ज चुकाया. इसके बाद मैने उन्हें बुलाया और कहा की जमींन आशीर्वाद समझकर वापस ले लो लेकिन उन्होंने (बाबुलीन भाई) इसे वापस लेने से इनकार कर दिया. जब यहां जमीन मुझे दान में मिली थी तब इसकी कीमत लाखो में थी अब इसकी कीमत करोड़ो में है जो में बाबुलीन भाई को वापस कर रहा हूं.

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