बीपी का देशी इलाज, अपनाएँ ये घरेलु देशी नुस्खे और ब्लडप्रेशर को कहें बाय

बीपी का देशी इलाज, अपनाएँ ये घरेलु देशी नुस्खे और ब्लडप्रेशर को कहें बाय

बीपी का देशी और स्थाई समाधान करने के लिए अपनाएं ये घरेलु नुस्खे

आज के समय में ब्लडप्रेशर की बीमारी से अमूमन हर दूसरा व्यक्ति प्रभावित है. किसी को लो बीपी की समस्या है तो किसी को हाई बीपी की. ब्लडप्रेशर की समस्या मे...

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आज के समय में ब्लडप्रेशर की बीमारी से अमूमन हर दूसरा व्यक्ति प्रभावित है. किसी को लो बीपी की समस्या है तो किसी को हाई बीपी की. ब्लडप्रेशर की समस्या में सबसे बड़ी दिक्कत है की इससे निजात पाने के लिए बहुत अधिक गर्म दवाईयों का सेवन करना पड़ता हैं. ऐसे में एक समस्या से छुटकारा तो मिल जाता हैं लेकिन शरीर गर्मी बढ़ जाने से दूसरी समस्या भी पैदा हो जाती है. इसलिए जरूरी हो जाता है की आप ऐसे उपाय अपनाएं जिससे शरीर भी स्वस्थ रहे और खर्च भी ज्यादा न हो.

हाई ब्लडप्रेशर के समय चक्कर आते है या सर घुमने लगता हैं. ऐसे हालत में किसी भी कार्य में मन नहीं लगता है और साथ ही अनिंद्रा जैसी समस्या भी देखने को मिलता हैं. इस समस्या के लिए घरेलू उपाय अधिक लाभकारी होते हैं, कुछ प्रमुख उपाय इस प्रकार हैं.

हाई बीपी हो या फिर लो बीपी, दोनों में ही रोगी को तुरंत ब्लडप्रेशर सामान्य लाने के लिए दवा की जरुरत होती है लेकिन एक बार ब्लडप्रेशर सामान्य हो जाने के बाद जब तक दुबारा ये दिक्कत नहीं होती तब तक रोगी इसके प्रति लापरवाह हो जाता है लेकिन एक बार दवा लेने से ये बिमारी कभी जड़ से खत्म नहीं सकती. इसके लिए अगर कुछ घरेलु उपायों को अपनाए उसके उपयोग करने से परिणाम भी अच्छे मिलते है और साइड इफेक्ट जैसी कोई रिस्क नहीं रहती. रक्तचाप जैसी छोटी-सी समस्या हृदयाघात और अन्यं हृदय रोगों का प्रमुख कारण बनकर सामने आती हैं. हम ज्यादातर ब्लडप्रेशर के लिए घरेलू उपायों को अपनाते हैं. कुछ प्रमुख घरेलू उपाय इस प्रकार हैं.

जिन्हें अक्सर हाई बीपी की समस्या होती है उनको नमक का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि यह ब्लडप्रेशर को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाता हैं. इसकी बजाय आप लहसुन का सेवन करें वह ब्लड प्रेशर ठीक करने में काफी सहायक सिद्ध हुआ हैं. यह रक्त का थक्का नहीं जमने देता है और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रण में रखता हैं.

आंवले के रस की एक बड़ी चमच भरकर उसमें उतनी ही मात्रा में शहद मिलाकर सुबह और शाम को खाने से भी लाभ मिलता हैं. यदि ब्लडप्रेशर अधिक हो तब सामान्य गर्म पानी आधे गिलास में भरकर उसमें एक चमच पीसी हुई काली मिर्च घोलकर प्रत्येक दो घंटो के अंतराल से पिने से लाभ मिलता हैं. तरबूज से तो आप परिचित होंगे, उसके बीज की गिरी और खसखस अलग-अलग पीसकर बराबर मात्रा में मिलाकर रख लें. रोजाना सुबह एक चमच खाएं और लाभ प्राप्त करें.

कहते है की तुलसी के पांच पत्ते ओए नीम की पतियों को पीसकर बीस ग्राम पी में मिलाकर सुबह के समय में खली पेट लेने से इस समस्या में सुधार आने लगता हैं. आपको जानकार आश्चर्य हो लेकिन यदि नंगे पैर हरी घास पर कुछ अवधि के लिए चला जाये तो ब्लडप्रेशर भी सामान्य रहता हैं. सौंफ, जीरा और शक्कर को बराबर मात्रा में लेकर पाउडर बनाकर एक गिलास पानी में एक चम्मच मिश्रण घोलकर सुबह-शाम पीना चाहिए. करेला और सहजन की फ़ली उच्च रक्त चाप के रोगी के लिये परम हितकारी माना जाता हैं.

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