बुराड़ी कांड: चार महीने बाद आई सच्चाई सामने, साइकोलॉजिकल अटोप्सी रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

बुराड़ी कांड: चार महीने बाद आई सच्चाई सामने, साइकोलॉजिकल अटोप्सी रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

बुराड़ी कांड: आज से चार महीने पहले दिल्ली के बुराड़ी इलाके में हुई एक साथ लोगों की मौत ने देश को हिलाकर रख दिया था. तब से लेकर आज तक सबके जेहन में एक ह...

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बुराड़ी कांड: आज से चार महीने पहले दिल्ली के बुराड़ी इलाके में हुई एक साथ लोगों की मौत ने देश को हिलाकर रख दिया था. तब से लेकर आज तक सबके जेहन में एक ही सवाल कौंध रहा था की आख़िरकार इन मौतों के पीछे असली सच्चाई क्या है? ज्यादातर लोग ये मानने के तौयार ही नहीं थे कि एक ही घर के 11 लोग एक साथ यूं भी खुदकुशी कर सकते हैं. इस खौफनाक हादसे के चार महीने बाद अब इसी मामले में दिल्ली पुलिस ने एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है.बुराड़ी कांड

सभी जानना चाहते है की 30 जून और 1 जुलाई 2018 की उस दरमियानी रात को आखिर हुआ क्या था. पोस्टमार्टम रिपोर्ट से भी साफ था कि किसी के साथ किसी भी तरह की ज़बरदस्ती नहीं हुई. लिहाज़ा क्राइम ब्रांच ने मारे गए लोगों की दिमागी हालत जानने के लिए साइकोलॉजिकल अटोप्सी भी कराई. अब जाकर सामने आई है ये साइकोलॉजिकल अटोप्सी रिपोर्ट.बुराड़ी कांड

साइकोलॉजिकल अटोप्सी में बड़ा खुलासा हुआ है की इन लोगों की मौत ना ही तो आत्महत्या थी और ना ही कत्ल बल्कि ये एक हादसा था. आपको बता दें कि देश और दुनिया को हिला देने वाले 11 लोगों की मौत के इस कांड को सुलझाने के लिए दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने कोई पहलू नहीं छोड़ा.. और आखिरकार करीब 4 महीने बाद क्राइम ब्रांच इस नतीजे पर पहुंची है कि 1 जुलाई 2018 को हुआ बुराड़ी कांड खुदकुशी नहीं बल्कि हादसा था.बुराड़ी कांड

इस कांड की जाँच करने के लिए क्राइम ब्रांच ने बुराड़ी के इस मकान में मिली 11 लाशों के दिमाग की साइकोलॉजिकल अटोप्सी करवाई थी. चार महीने बाद आई साइकोलॉजिकल एनलासिस रिपोर्ट में साफ लिखा है कि बुराड़ी कांड सुसाइड नहीं बल्कि पूजा के दौरान हुआ एक हादसा था. इस हादसे में शामिल किसी भी सदस्य को नहीं पता था कि ऐसा करते वक्त उनकी मौत हो जाएगी. रिपोर्ट में कहा गया है की इस दौरान ना ही तो किसी के साथ जबरदस्ती की गई और ना की किसी को मजबूर किया गया.