हरियाणा रोडवेज की बस में मिला लावारिस बैग, परिचालक ने खोल कर देखा तो उड़ गए होश

हरियाणा रोडवेज की बस में मिला लावारिस बैग, परिचालक ने खोल कर देखा तो उड़ गए होश

कई बार हम सफ़र करते समय अक्सर बस या ट्रेन में अपना सामान वगैरा भूल जाते हैं या ऐसी ही भूल किसी दुसरे व्यक्ति के साथ भी हो सकती है. लेकिन जब किसी को पता...

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कई बार हम सफ़र करते समय अक्सर बस या ट्रेन में अपना सामान वगैरा भूल जाते हैं या ऐसी ही भूल किसी दुसरे व्यक्ति के साथ भी हो सकती है. लेकिन जब किसी को पता चले की रुपयों से भरा बैग बस में छूट गया है तो उस पर क्या बीतेगी? सच में ही उसके तो होश उड़ जायेंगे. अपने गुम हुए सामान या बैग को फिर पाने की कल्पना भी आज के समय में असंभव सी लगती है. लेकिन इसके उल्ट आज के इस दौर में हरियाणा रोडवेज के परिचालक ने ईमानदारी की मिशाल पेश की है.हरियाणा रोडवेज

हरियाणा रोडवेज के परिचालक संदीप मिश्रा ने बस में मिले रुपयों से भरे बैग को उसके असली मालिक को सौंपकर ईमानदारी की एक मिशाल कायम की है. परिचालक ने किसी यात्री के बस में छूटे एक लाख, 66 हजार रुपये सहित जरूरी कागज से भरे बैग को लौटा दिया है. उनकी ईमानदारी की चर्चा हर तरफ हो रही है.

अपने बैग और उसमें रखे कैश को सुरक्षित पाकर यात्री ने इस मामले में कंडक्टर की ईमानदारी के लिए हरियाणा रोडवेज प्रशासन का धन्यवाद किया है. बल्लभगढ़ की मुकेश कॉलोनी के रहनेवाले संदीप मिश्रा इन दिनों पलवल डिपो में कंडक्टर है. वह काफी समय से पलवल से अलीगढ़ वाले रूट पर चलते हैं.

गुरूवार को सुबह करीब साढ़े आठ बजे रोडवेज की बस पलवल से अलीगढ़ के लिए रवाना हुई, जिसमें संदीप कंडक्टर के रूप में मौजूद थे. बस जब अलीगढ़ पहुंची तो संदीप ने बस की एक सीट पर बैग रखा देखा. संदीप ने सावधानीपूर्वक बैग का निरिक्षण किया और तसल्ली होने पर बैग को खोलकर चेक किया. कंडक्टर संदीप ने देखा कि उसमें एक एटीएम कार्ड, रिहायशी प्रमाण पत्र, आधार कार्ड व रुपये के बंडल रखे थे.

हरियाणा रोडवेज

संदीप को बैग में एक मोबाइल नंबर लिखी पर्ची भी मिली. तभी संदीप ने पर्ची पर लिखे मोबाइल पर फोन किया, दूसरी ओर मनीष चौधरी ने फोन उठाया. उन्होंने बताया कि वह बैग उनका है. मनीष ने बताया कि वह टप्पल से अलीगढ़ जा रहे थे इसी दौरान बैग गलती से बस में छूट गया था. वह गांव लालपुर टप्पल जिला अलीगढ़ के निवासी हैं.

मनीष सूचना के आधार पर अलीगढ़ बस अड्डे पर पहुंचे और अपनी पहचान बताई. इसके बाद दो-तीन रोडवेज कर्मचारियों की गवाही के बाद उन्हें बैग सही सलामत लौटा दिया गया. मनीष चौधरी ने बताया कि कंडक्टर ने बैग को पूरी ईमानदारी से वापस किया है, जिसके लिए वह और उसका पूरा विभाग धन्यवाद का पात्र है.