CBI vs Mamta: क्या है सारदा चिटफंड घोटाला, अब तक हो चुकी है 60 से अधिक मौतें

CBI vs Mamta: क्या है सारदा चिटफंड घोटाला, अब तक हो चुकी है 60 से अधिक मौतें

सारदा चिटफंड घोटाला मामले में कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार से पूछताछ करने पहुंची सीबीआई की टीम को अरेस्ट करने और पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी...

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सारदा चिटफंड घोटाला मामले में कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार से पूछताछ करने पहुंची सीबीआई की टीम को अरेस्ट करने और पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के धरने पर बैठने के बाद एक हाईवोल्टेज सियासी ड्रामा शुरू हो चुका है. एक ओर जहाँ ममता का आरोप है की केंद्र सरकार सीबीआई का राजनितिक इस्तेमाल कर रही है वहीँ, दूसरी ओर बीजेपी ने ममता सरकार पर भ्रष्टाचारियों को बचाने का आरोप लगाया है.Sarada Chit Fund Scam

सीबीआई की टीम कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार से जिस मामले में पूछताछ करना चाहती है वो मामला है सारदा चिटफंड घोटाला. ऐसे में ये जानना जरुरी है की वास्तव में ये चिटफंड घोटाला है क्या? इस मामले की गंभीरता का अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है की अब तक इस मामले में सारदा के एजेंट समेत 60 से ज्यादा लोगों के शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिल चुके हैं. यहां तक कि इस घोटाले के प्रमुख आरोपियों में शामिल कुणाल घोष भी आत्महत्या का प्रयास कर चुके हैं. कुणाल घोष सत्तारूढ़ टीएमसी के सांसद रहे हैं. बाद में घोटाले में नाम आने के बाद पार्टी ने उन्हें निलंबित कर दिया था.

ये घोटाला करीब 40 हजार करोड़ रुपये से अधिक का है जिसकी कहानी मध्य प्रदेश के व्यापम घोटाले से मिलती-जुलती है. जिस तरह व्यापम घोटाले में कथित तौर पर करीब 40 लोगों का संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी वैसे ही ये मामला है. ये ऐसे लोग थे जो व्यापम से जुड़े थे और कथित तौर पर घोटाले के अंदर की कहानी जानते थे. आरोप लगा कि घोटाले का राजफ़ाश न हो, इसलिये इन्हें रास्ते से हटा दिया गया. ठीक इसी तरह सारदा घोटाले में भी कंपनी के कई एजेंट और अन्य महत्वपूर्ण लोगों के शव मिले. इस मामले में आरोप ये भी लगे की मरने वाले एजेंट सभी सारदा घोटाले के ‘राजदार’ थे और काफी कुछ जानते थे. इस वजह से उन्हें रास्ते से हटा दिया गया.

Sarada Chit Fund Scam

सारदा घोटाले की भेंट सिर्फ बंगाल ही नहीं पड़ोसी ओडिशा और असम के लोग भी चढ़े. इस मामले में आम लोगों को 34 गुना ज्यादा पैसा देने का लालच दिया गया और करीब दस लाख लोगों को इसका शिकार बनाया गया. जिसके बाद यहाँ भी कई पहले के मामलों की तरह लाखों लोगों से बेहिसाब धन इकट्ठा कर ये कंपनी फरार हो गई. इस घोटाले (Sarada Chit Fund Scam)  में पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस के कई नेताओं का नाम सामने आया और उन्हें जेल तक जाना पड़ा. टीएमसी के नेताओं को ही इस घोटाले का मुख्य सूत्रधार भी कहा गया, हालांकि ममता बनर्जी लगातार इससे इनकार करती रही हैं. साल 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले का CBI जांच का आदेश दिया और अब केंद्रीय एजेंसी मामले की जांच कर रही है.