चंद्र ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या नहीं, जानिए सूतक से लेकर मोक्ष तक के नियम

चंद्र ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या नहीं, जानिए सूतक से लेकर मोक्ष तक के नियम

27 जुलाई को साल 2018 का दूसरा चंद्र ग्रहण पड़ रहा है. यह ग्रहण रात 11.54 से शुरू होकर अगले दिन 28 जुलाई सुबह 3.49 तक रहेगा, यानी यह पूर्ण चंद्र ग्रहण ...

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27 जुलाई को साल 2018 का दूसरा चंद्र ग्रहण पड़ रहा है. यह ग्रहण रात 11.54 से शुरू होकर अगले दिन 28 जुलाई सुबह 3.49 तक रहेगा, यानी यह पूर्ण चंद्र ग्रहण 1 घंटे 48 मिनट तक बना रहेगा. इस चंद्र ग्रहण में चंद्रमा लाल रंग का दिखेगा, जिसे ब्लड मून भी कहा जाता है. चन्द्र ग्रहण हो या सूर्य ग्रहण, हमें इस दिन कुछ विशेष सावधानियां रखनी चाहिए ताकि हम पर ग्रहण का दुष्प्रभाव ना पड़े बल्कि हमें इस दिन का कुछ खास फायदा मिले.

चन्द्र ग्रहण हो या सूर्य ग्रहण, इस दिन ग्रहण के समय संयम रखकर जप-ध्यान करने से कई गुना फल होता है. कहते है की इस दौरान भोजन नहीं करना चाहिए. सूर्य ग्रहण के चार प्रहर (12 घंटे) पूर्व और चन्द्र ग्रहण में तीन प्रहर (9) घंटे पूर्व भोजन नहीं करना. लेकिन बुड्डे, बच्चे या फिर रोगियों पर ये नियम लागू नहीं होता. ग्रहण-वेध से पहले खाने के पदार्थों में और अन्न में कुश या तुलसी की पत्तियाँ दाल दी जाये तो वे ग्रहण के प्रभाव से दूषित नहीं होती.

ग्रहण के स्पर्श के समय स्नान, बीच में हवन और अंत में में सचैल (वस्त्रसहित) स्नान करना चाहिए. स्त्रियाँ सिर धोये बिना भी स्नान कर सकती हैं. ग्रहण के शुरू होने पर अंत तक अन्न या जल बिलकुल भी नहीं लेना चाहिए. ग्रहण की समाप्ति पर जिसका ग्रहण हो उसके सुद्ध बिम्ब को देखकर ही भोजन करना चाहिए. ग्रहण के दौरान गायों को घास, पक्षियों को अन्न, जरूरतमंदों को वस्त्रदान से कई गुना पुन्य की प्राप्ति होती है.

सिद्धि की इच्छा रखने वालों के लिए ये दिन कुछ खास होता है. श्रेष्ठ साधक उस समय उपवासपूर्वक ब्राह्मी घृत का स्पर्श करके ‘ॐ नमो नारायणाय’ मंत्र का आठ हजार जप करने के पश्चात ग्रहणशुद्धि होने पर उस घृत को पी ले. ऐसा करने से वह मेधा यानी धारणशक्ति और वाकसिद्धि का मालिक बन जाता है.

ग्रहण के दौरान कोई भी काटने का काम नहीं करना चाहिए. बाल और वस्त्र नहीं निचोड़ने चाहिए. इसके साथ ही इस दौरान सोना, मल-मूत्र का त्याग, मैथुन और भोजन करना जैसे सभी काम वर्जित माने गए हैं. इस दिन कोई भी शुभ काम या नया काम शुरू नहीं करना चाहिए. गर्भवती स्त्री को इस समय बाहर नहीं निकलना चाहिए. ग्रहण के अवसर पर पृथ्वी को खोदना नहीं चाहिए.