चंद्रग्रहण के दुष्प्रभाव के नाम पर डरें नहीं, ग्रहण के दिन का उठायें विशेष फायदा

चंद्रग्रहण के दुष्प्रभाव के नाम पर डरें नहीं, ग्रहण के दिन का उठायें विशेष फायदा

माघ माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को बुधवार के दिन साल 2018 का पहला ग्रहण है. पुरे भारत भर से दिखाई देने वाला यह खग्रास चंद्रग्रहण होगा जिसका भारतीय स...

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माघ माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को बुधवार के दिन साल 2018 का पहला ग्रहण है. पुरे भारत भर से दिखाई देने वाला यह खग्रास चंद्रग्रहण होगा जिसका भारतीय समयानुसार स्पर्श शाम 05:18 को, ग्रहण का मध्य 07:00 बजे और मोक्ष रात 08:42 बजे होगा. इस दिन चन्द्रग्रहण का सूतक सवेरे आठ बजकर 34 मिनट पर लगेगा. तीन घंटे 24 मिनट लगने वाले चन्द्रग्रहण का वैसे तो सभी राशियों पर अलग-अलग प्रभाव रहेगा लेकिन इसका नकारात्मक प्रभाव सभी राशियों पर (कम या ज्यादा) पड़ने वाला है.

चंद्रग्रहण के दिन आप कुछ साधारण उपाय करके ग्रहणकाल के दौरान पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव को कम कर सकते हैं. जिस तरह से सोशल मीडिया में या इधर-उधर चंद्रग्रहण के अशुभ प्रभाव को लेकर जो बातें फैलाई जा रही है उनसे डरने की जरुरत नहीं है. इस दिन कुछ विशेष वर्ग के लोगों के लिए ग्रहण का समय बहुत सी सिद्धियों को प्रदान करने वाला होता है. इस दिन अगर आप कुछ सावधानी रखें और ग्रहणकाल के दौरान आवश्यक नियमों का पालन करें तो आपके लिए ये विशेष शुभ फलदायी साबित होगा.

ग्रहणकाल के दौरान साधना और मन्त्र जाप का फल लाखों गुणा अधिक मिलता है. इस दिन नियम और संयम के साथ जप, तप और हवन यज्ञ करना सभी बाधाओं से मुक्ति प्रदान करता है. समस्त प्रकार के सुखों को चाहने वाले इस दिन को साधना के लिए स्वर्णिम मानते हैं. शास्त्रों के अनुसार इस दिन दान करने वाले को अकूत सम्पति की प्राप्ति होती है. ग्रहणकाल के दौरान आहार करना निषेद्ध किया गया है और इस समय कोई भी काटने से सम्बंधित कार्य ना करें.

ग्रहण के समय बाहर खुले में रखा पानी या कोई भी खाने की चीज उपयोग करने योग्य नहीं रहती. इस दिन ग्रहण काल के समय स्त्री प्रसंग करना नुकसानदायक हो सकता है इसलिए इससे बचना ही बेहतर है. ग्रहण काल में किसी को भी मूर्ति स्पर्श, नाख़ून काटना, बाल काटना अथवा कटवाना, निद्रा मैथुन आदि कार्य नहीं करना चाहिए. गर्भवती महिलाओं को इस दिन चंद्रमा की छाया से बचना चाहिए उन्हें यथासंभव घर के अंदर ही रहने की सलाह दी जाती है. इस दिन बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों पर ये नियम लागू नहीं होते उन्हें आवश्यक दवा आदि अपनी दिनचर्या अनुसार ही करने चाहिए.

 

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