5th क्लास के बच्चे ने लिखा गाय पर निबंध, अगर पढ़ लिया तो आपके कान-आँख और मुंह खुला रह जायेगा

5th क्लास के बच्चे ने लिखा गाय पर निबंध, अगर पढ़ लिया तो आपके कान-आँख और मुंह खुला रह जायेगा

हम सभी जब छोटी कक्षाओं में थे तो हमें गाय का निबंध लिखना सिखाया जाता था. आज भी छोटी कक्षाओं में पढाई-लिखाई का पैटर्न वही है, बस बदल गए हैं तो करेक्टर्...

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हम सभी जब छोटी कक्षाओं में थे तो हमें गाय का निबंध लिखना सिखाया जाता था. आज भी छोटी कक्षाओं में पढाई-लिखाई का पैटर्न वही है, बस बदल गए हैं तो करेक्टर्स. पहले गाय होती थी तो आजकल अमिताभ या धोनी की जीवनी. लेकिन सरकारी स्कूलों में आज भी गाय पर निबंध लिखना सिखाया जाता है. ऐसे ही एक बच्चे को गाय पर निबंध लिखने को कहा गया तो उसने गाय की वर्तमान हालत पर ऐसा निबंध लिखा की देखने और सुनने वाले भी अवाक् रह गए. बच्चे ने लिखा-

गाय, एक ऐसा प्राणी है जिसे हिन्दू धर्म में माता का दर्जा दिया जाता है. इसके दो कान, आँख और दो ही सींग होते हैं. कहने को तो गाय एक पालतू पशु है लेकिन ये पूरी सच्चाई नहीं है. हमारे देश में राजनीतिक रोटियाँ सेंकने वालों के लिए गाय किसी फरिश्ते से कम नहीं है. गाय और इससे जुड़े मुद्दों पर काफी समय से ही राजनीति होती आई है. आजकल तो गाय की तस्करी करने या गाय के ट्रांसपोर्टेशन पर भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या करने तक का प्रावधान है. भीड़ को गाय के नाम पर किसी को भी मार देने का अधिकार प्राप्त है जिसे मोब लिंचिंग कहते हैं.

गाय के दूध से दही, घी, मक्ख़न, मिठाई बनायी जाती हैं लेकिन आजकल चुनावों के समय में जनता को बेवकूफ भी खूब बनाया जाता है. गाय के मांस को बीफ कहा जाता है और इसके खाने पर जेल की सज़ा का कानून बनाने की बात करने वाले अधिकतर नेता लोगों ने ही गाय के कत्लखाने खोले हुए है. जब तक गाय दूध देती है तब तक उसे घर में रखा जाता है, खाने को दिया जाता है, उसकी खूब सेवा की जाती है लेकिन जब वो दूध देना बंद कर देती है तो लोग उसे घर से निकाल देते है. वो भूखी प्यासी सड़को पर घूमने लगती है तो फिर उसका नाम गौ माता से आवारा मवेशी हो जाता है.

आजकल कुछ दयालु, धार्मिक लोग आजकल गाय को 2 रोटी खाने को देते है और उसके साथ सेल्फी लेकर सोशल मीडिया पर अपलोड करके खूब वाहवाही बटोरते हैं. खुद को धार्मिक और पुण्यात्मा दिखाने का ये सबसे बड़ा ढोंग आजकल चल पड़ा है. पड़े लिखे लोगो द्वारा पोलिथीन में भरकर फेंके गए कचरे के लालच में गाय इसे खाकर बीमार हो जाती हैं. वैसे तो गाय को घास खाना बहुत पसंद है पर अब घास बहुत महंगी हो गयी है जो केवल गार्डन में मिलती है, और गार्डन में जाने पर डंडे पड़ते है और यही आजकल इनका प्रमुख आहार है.

अक्सर गायों को भूखा रहना पड़ता है क्योंकि घास के लिए जमीन बची नही, जो जमीन बची है वहा इंसान अपने लिए घास उगाते है जिसे आजकल पार्क कहा जाता है. LPG गैस के कारण गोबर के कंडो की जरूरत नही पड़ती और जैविक खाद का किसान इस्तेमाल कभी नही करेंगे, इस कारण इस जीव की उपयोगिता समाप्त हो चुकी है. धीरे-धीरे इस गाय नाम के जीव की प्रजाति विलुप्त होने के कगार पर है लेकिन हमारे देश की राजनीती में ये हमेशा जिन्दा रहेगी क्योंकि इसी के नाम पर सालोंसाल इस भोली भाली जनता को बेवकूफ बनाकर अपनी राजनितिक रोटियां सेंकी जाएगी.

बहुत मेहनत से लिखा है इस पोस्ट को, आपको ये पोस्ट कैसी लगी कृपया कमेन्ट बॉक्स में अपनी राय जरूर दें. इस पोस्ट को पढ़ने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद और इंसानियत के नाते इसे शेयर करना ना भूलें.

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