देश का पहला मामला: बेटियों को कोख में ही मारने वाला डॉक्टर हिस्ट्रीशीटर घोषित

देश का पहला मामला: बेटियों को कोख में ही मारने वाला डॉक्टर हिस्ट्रीशीटर घोषित

सैंकड़ों बेटियों का गुनहगार डॉक्टर, जोधपुर का मोहम्मद इम्तियाज रंगरेज! जन्म से पहले ही सैंकड़ों बेटियों की जान लेने जैसा जघन्य अपराधी, शायद देश का पहला ...

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सैंकड़ों बेटियों का गुनहगार डॉक्टर, जोधपुर का मोहम्मद इम्तियाज रंगरेज! जन्म से पहले ही सैंकड़ों बेटियों की जान लेने जैसा जघन्य अपराधी, शायद देश का पहला हिस्ट्रीशीटर डॉक्टर. एक बार ऐसा पाप करने की जो आदत लगी तो फिर चार बार गिरफ्तार होने के बाद भी उसकी आदत में सुधार नहीं आया. बेटियों को कोख में मारने का जघन्य अपराध वो सात सालों से अनवरत करता रहा. ख़ास बात ये की उक्त डॉक्टर का पिता भी है गर्भपात के लिए कुख्यात.

लगभग सौ करोड़ की संपत्ति का मालिक, डॉक्टर के नाम पर कलंक- जोधपुर के डॉक्टर मोहम्मद इम्तियाज रंगरेज को पैसे की ऐसी भूख लगी की दिनोंदिन ऐसे क्रूर और रूह कंपा देने वाले जघन्य कांड को अंजाम देता रहा. लेकिन जब उसके पापों का घड़ा भरा तो राजस्थान पुलिस उसे उसकी सही जगह पहुंचा दिया.हिस्ट्रीशीटर डॉक्टर

बेटियों का कोख में ही दम घोंटने वाले जोधपुर के डॉ. मोहम्मद इम्तियाज रंगरेज (41) को पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर डॉक्टर घोषित कर दिया. किसी डॉक्टर के हिस्ट्रीशीटर घोषित होने का प्रदेश सहित संभवत: देश में पहला मामला है. इम्तियाज पर पिछले सात साल में केवल जोधपुर जिले में ही पांच हजार भ्रूण लिंग परीक्षण करने का आरोप है. उसे जोधपुर के नागौरी गेट थाने का हिस्ट्रीशीटर घोषित किया गया है.

उसके इस क्रूरतम काम का पहली बार पर्दाफाश वर्ष 2016 में हुआ. जब वो भ्रूण जांच परीक्षण करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया था. उस समय वह बालेसर सीएचसी का प्रभारी था. उसे जेल हुई और निलंबित कर दिया गया, लेकिन जेल से छूटते ही वह भ्रूण जांच के घिनौने धंधे में फिर से जुट गया. वह अलग-अलग समय में चार बार इस तरह के मामलों में गिरफ्तार किया जा चुका है. उसके पिता डॉ. नियाज भी बेटियों के कोख में ही कत्ल के इस धंधे में शामिल रहे हैं.

इसके बाद दूसरी बार 21 मई 2017 को इम्तियाज ने अपने दलाल साथी हनुमान ज्याणी के घर उसके साथी सदस्यों संजय त्यागी, सोहन जाट और राजू के मार्फत गर्भवती को बुलाया! जांच कर लड़की बताई, गिरफ्तार किया गया. लेकिन एक बार फिर 5 जनवरी, 2018 को पुलिस के हत्थे चढ़ा. जब इम्तियाज की गैंग ने एक गर्भवती को पहले झुंझुनूं, फिर सीकर, फिर नागौर और बाद में जोधपुर बुलाया. रेलवे स्टेशन के पास चलती गाड़ी में जांच की, लेकिन पकड़ में आ गया. लेकिन तीन बार पकड़े जाने के बाद भी उसने ना सुधरने की कसम खाई हुई थी. 9 सितंबर, 2018 को डॉ. इम्तियाज अपने दलाल फतेह किशन के साथ महामंदिर स्थित एक मकान में एक गर्भवती का भ्रूण परीक्षण पकड़े गए! खास दलाल हनुमान ज्याणी इस बार भी फरार हो गया.हिस्ट्रीशीटर डॉक्टर

इम्तियाज और उसका पिता जांच के लिए ग्राहक से 25 से 30 हजार रुपए लेते थे, बाद में इतनी ही राशि गर्भपात के लिए वसूलते थे. इम्तियाज का पिता भी वर्ष 2012, 2014 और 15 अगस्त 2016 को लिंग जांच करते पकड़ा जा चुका है. लेकिन अब इम्तियाज पर पुलिस नियमित नजर रखेगी. पुलिस की वेबसाइट पर इम्तियाज अब हिस्ट्रीशीटर के तौर पर दिखाई देगा. जब भी पुलिस बुलाएगी, उसे पेश होना पड़ेगा. पुलिस उसके घर की समय-समय पर जांच भी कर सकती है.

 

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