डीजल की कीमतों में रिकार्ड तोड़ उछाल, छूआ अब तक का उच्चतम स्तर

डीजल की कीमतों में रिकार्ड तोड़ उछाल, छूआ अब तक का उच्चतम स्तर

पैट्रोल और डीजल की आसमान छूती कीमतों से फिलहाल आम आदमी को राहत मिलने की उम्मीद नहीं है. सरकार के तमाम दावों और प्रयासों के बावजूद पैट्रोल-डीजल की कीमत...

पाकिस्तान ने दी बीजेपी अध्यक्ष को जान से मारने की धमकी, कराची से आया फ़ोन
अपने बयान से पलटे राहुल गाँधी, कहा- मैं पीएम बनने का सपना नहीं देखता
Xiaomi Poco F1 स्मार्टफोन होगा 22 अगस्त को लॉन्च, लीक हुए फीचर्स

पैट्रोल और डीजल की आसमान छूती कीमतों से फिलहाल आम आदमी को राहत मिलने की उम्मीद नहीं है. सरकार के तमाम दावों और प्रयासों के बावजूद पैट्रोल-डीजल की कीमतें पौड़ी दर पौड़ी आसमान में चढ़ती जा रही है. देश की राजधानी दिल्ली में डीजल की कीमत ने सारे रिकॉर्ड को ध्वस्त करते हुए अब तक के उच्चतम शिखर को पार कर लिया है.

हालाँकि इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की दिनोंदिन बढती जा रही कीमत को इसकी अहम वजह माना जा रहा है, लेकिन बढती कीमतों के प्रति सरकार की उदासीनता भी आम आदमी की जेब काटने में अपना भरपूर योगदान दे रही है. राष्ट्रीय राजधानी में पैट्रोल का भाव 70 रूपए प्रति लीटर और डीजल 59.75 रूपए प्रति लीटर तक पहुँच गया है. अभी हाल ही में सरकार ने इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के कारण पैट्रोल और डीजल की एक्साइज ड्यूटी में कटौती भी की थी.

आपको बता दें कि इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड आयल की कीमत 66 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुँच चुकी है. इस बढौतरी का मुख्य कारण ओपेक देशों द्वारा कच्चे तेल के उत्पादन में कटौती को माना जा रहा है. जिस वजह से अंतिम छह महीनो में कच्चे तेल की कीमतों में करीब 40 फीसदी से ज्यादा की बढौतरी हो चुकी है.

बताया जा रहा है कि सरकार पैट्रोलियम उत्पादों को GST के दायरे में लाने की कोशिश में है, जो 2019 में लोकसभा चुनावों के दौरान बीजेपी के सामने एक चुनौती के रूप में पेश आने वाला है. पहले कहा जा रहा था की पैट्रोल और डीजल को GST के दायरे में लाने में कुछ राज्य सहमत नहीं है लेकिन अब अक उम्मीद है की देश के 19 राज्यों में बीजेपी और उसके सहयोगियों की सरकार है तो शायद कुछ बात बन जाये और आम आदमी को राहत मिल सके.

COMMENTS