दो दोस्तों की मुलाकात और दर्दे दिल की दास्तान

दो दोस्तों की मुलाकात और दर्दे दिल की दास्तान

दो बचपन के दोस्तों की बहुत समय बाद मुलाकात हुई. इस लम्बे अंतराल में दोनों की शादी हो चुकी थी. पहला दोस्त: और सुनाओ! कैसी चल रही है जिन्दगी? दूसरा दोस्...

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दो बचपन के दोस्तों की बहुत समय बाद मुलाकात हुई. इस लम्बे अंतराल में दोनों की शादी हो चुकी थी.

पहला दोस्त: और सुनाओ! कैसी चल रही है जिन्दगी?

दूसरा दोस्त: सब ठीक ठाक है, कट रही है जिन्दगी मजे से. हम दोनों मियाँ-बीवी की आपस में बहुत ही अंडरस्टैंडिंग है. हम दोनों सुबह आपस में मिलकर नाश्ता बनाते हैं, फिर बातों ही बातों में बर्तन भी दो लेते हैं. आपस में मिल बाँट कर कपड़े धो लेते हैं कभी वो अपनी पसंद की डिस की फरमाईस कर देती है तो कभी मैं अपनी मर्जी से कुछ पका लेता हूँ.

और हां! तेरी भाभी बहुत सफाई पसंद है बस उसे खुश रखने को सारा घर मैं चमका कर रखता हूँ.

फिर उसने पहले से पूछा: आप सुनाओ आपकी शादी-शुदा जिन्दगी कैसे चल रही है?

पहला दोस्त: यार मेरे भाई-मेरे दोस्त! जलील तो मैं भी इतना ही हो रहा हूँ पर मुझे तेरी तरह यूँ मीठे शब्दों में बताना नहीं आता.

  • *     *     *     *     *

एक बार हरियाणा रोडवेज की बस में एक सीट पर एक लड़का बैठा था, जिसके बाल लम्बे और कान में बाली थी.

उसके बगल में एक ताई बैठी थी.

लड़के को देख ताई ने सोचा कि ये लड़की है और उसके हाथों की तरफ देख कर ताई बोली, ‘आएं बेटी तू तो छोटी सी उमर में ही विधवा होगी?’

ये सुन कर पास की सीट पर बैठा दूसरा एक लड़का बोला: ताई, छोरा स.

ये सुनकर ताई बोली, ‘फेर ठीक स छोरा स तो उसके सहारे बेचारी जिंदगी तो काट लेगी.’

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