सर्दियों में जरा संभलकर करें हीटर का प्रयोग, फायदे ही नहीं नुकसान भी बहुत है हीटर के

सर्दियों में जरा संभलकर करें हीटर का प्रयोग, फायदे ही नहीं नुकसान भी बहुत है हीटर के

सर्दियों में अगर हीटर मिल जाये तो ऐसा लगता है जैसे दुनिया की तमाम दौलत मिल गई हो. आजकल घरों में भी हीटर का प्रयोग कुछ बढ़ गया है. इसके प्रयोग के समय हम...

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सर्दियों में अगर हीटर मिल जाये तो ऐसा लगता है जैसे दुनिया की तमाम दौलत मिल गई हो. आजकल घरों में भी हीटर का प्रयोग कुछ बढ़ गया है. इसके प्रयोग के समय हमें सिर्फ बिजली के बिल की चिंता होती है. लेकिन अगर कोई इलेक्ट्रीशियन हमें जरा सा भरोसा दिला दे की फलां-फलां हीटर से बिजली की खपत बहुत कम होती है तो हम निश्चिंत होकर इसका प्रयोग करते हैं, खासकर जब घर में छोटा बच्चा हो या मेहमान आये हुए हो.heater ke nuksan

लेकिन क्या आप जानते हैं की हीटर के फायदे से ज्यादा नुकसान होते है तो आप इसके प्रयोग से तौबा कर लोगे या फिर आप इसका इस्तेमाल बहुत कम कर दोगे. आज हम बात करेंगे हीटर के प्रयोग से होने वाले नुकसान की.

अगर हम आर्थिक नुकसान की बात छोड़ दें तो सबसे बड़ा शारीरिक नुकसान होता है वो है हमारे शरीर की नमी का. क्योंकि हीटर शरीर से नमी सोखने का काम करते हैं, जो आगे चल कर काफी नुकसानदायक हो सकता है. यह शरीर में ऑक्सिजन भी घटाते हैं. आपको बता दें की इलेक्ट्रिक हीटर सेहत के लिए उतने नुकसानदायक नहीं होते हैं. वजह होती है, इनकी चिमनी, जिनसे वेंटिलेशन अच्छा रहता है. हीटर से निकलने वाली खतरनाक गैसें जैसे कार्बन मोनो-ऑक्साइड कमरे से बाहर निकल जाती है. लेकिन ये दुसरे हीटरों की तुलना में महंगे होते हैं, इसलिए ज्यादातर लोग इनको नहीं खरीदते. जबकि अनवेंटेड इलेक्ट्रिक हीटर का चुनाव ज्यादातर लोग करते हैं, जिनसे बुरे तत्व बाहर नहीं निकल पाते और तमाम तरह की हानिकारक गैसें कमरे में ही रहकर सेहत को नुकसान पहुंचाती हैं.

हीटर के ज्यादा प्रयोग से त्वचा रूखी हो जाती है. ये स्थिति आगे चल कर झुर्रियां बन जाती हैं और हमें अंदाजा भी नहीं मिलता कि इसका कारण हीटर हो सकता है. हीटर की हवा त्वचा की क्वालिटी खराब करके र्सोंलग टिशूज को खराब कर देती है. ये टिशूज त्वचा के अंदर होते हैं और जिनके खराब होने से पिगमेंटेशन की दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है.

आपको बता दें की जब हीटर कमरे को गर्म करते हैं तो वो उस वातवरण से नमी भी सोख लेते हैं. जिससे आंखों पर असर होता है. आंखों में खुजली तो होती ही है, कई बार ये लाल हो जाती हैं. समय पर ध्यान न दिया जाये तो इनमें संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है. इसके अधिक प्रयोग से हमारी आँखों का गीलापन कम हो जाता है. इससे ड्राई आई के रोगियों की तकलीफ बढ़ जाती है.heater ke nuksan

इसके अलावा कई बार अधिक समय तक हीटर चलते रहने से कमरे की ऑक्सीजन ख़त्म या बहुत कम हो जाती है जिससे बुजुर्गों को या फिर बहुत छोटे बच्चों को सांस लेने में तकलीफ हो सकती है. वैसे एक ख़ास बात जो ध्यान देने योग्य है वो है आजकल बिजली फिटिंग का अंडरग्राउंड होना. सीधे शब्दों में कहें तो हीटर के अधिक समय तक चलते रहने से कमरे की बिजली आपूर्ति के लिए जो वायरिंग की गई होती है उस वायर के ऊपर का खोल या रबड़ गर्म हो जाता है और उसके पाइप के अन्दर होने की वजह से हवा की कमी से वो पिघल जाती है और शोर्ट-सर्किट की संभावना बढ़ जाती है. जिससे कई बार बड़ी दुर्घटना हो जाती है.

इसके अलावा भी कई बार इलेक्ट्रिक हीटर में ऑटोकट (जो अधिक गर्म होने पर अपने आप बंद हो जाता है) ख़राब हो जाता है जिसकी वजह से हीटर अधिक गर्मी में भी बंद नहीं हो पाता है और कोई नुकसान हो जाता है.

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