Google से नाराज हुआ हरियाणा का एक कस्टमर, विरोध के लिए अपनाया ऐसा अनोखा तरीका

Google से नाराज हुआ हरियाणा का एक कस्टमर, विरोध के लिए अपनाया ऐसा अनोखा तरीका

कई बार हम किसी ब्रांडेड कम्पनी का सामान खरीदते है वो भी इस भरोसे की कम्पनी का नाम है तो सर्विस तो मिलेगी ही. लेकिन हर बार शायद ऐसा नहीं होता. कई बार क...

राजस्थान: कांग्रेस ने जारी की दूसरी लिस्ट, वसुंधरा के खिलाफ लड़ेंगे मानवेन्द्र सिंह
भगवान को खुश करने के चक्कर में कर रहे धर्म का अपमान, दे रहे है मौत को निमन्त्रण
गठबंधन में गाँठ: मायावती का कांग्रेस को झटका, MP और राजस्थान में अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान

कई बार हम किसी ब्रांडेड कम्पनी का सामान खरीदते है वो भी इस भरोसे की कम्पनी का नाम है तो सर्विस तो मिलेगी ही. लेकिन हर बार शायद ऐसा नहीं होता. कई बार किसी कम्पनी के केयर सेंटर के रोबोटिक आईवीआर के जरिए एक्जिक्यूटिव से जुड़ना हो या फिर सही हेल्पलाइन चुनना हो, आम आदमी के लिए ऐसा करना काफी मुश्किल भरा होता है. कोढ़ में खाज तो तब हो जाती है जब कंपनी को समस्या बताने के बाद भी आपकी समस्या ज्यों की त्यों रहती है. ऐसा ही कुछ हरियाणा के मनु के साथ हुआ.google care centre

हरियाणा के मनु अग्रवाल के साथ हुआ है। Google का ध्यान खींचने के लिए अनोखा तरीका अपनाया है. हरियाणा के रोहतक की रहने वाले मनु अग्रवाल ने अपने पिक्सेल फोन की समस्या को ठीक करने में विफल रहने के बाद Google का ध्यान खींचने के लिए अनोखा तरीका अपनाया है. मनु ने Google की खराब ग्राहक सेवा के बारे में लोगों को आगाह करने के लिए दिल्ली भर में पोस्टर और बैनर लगवा दिए. इसके साथ ही उन्होंने अपनी कार पर एक फ्लेक्स भी लगाई हुई है.

जब मनु के इस विरोध की चर्चा मीडिया तक पहुंची तो उन्होंने बताया की उनकी पत्नी ने लगभग एक साल पहले उन्हें एक Google पिक्सेल फोन उपहार में दिया था. फोन में कुछ दिनों बाद ही समस्या आने लगी. अग्रवाल का दावा है कि कस्टमर सर्विस ने उनसे फोन की वारंटी के बावजूद 26,851 रुपये चार्ज किए. लेकिन इसके बावजूद भी फोन में आ रही समस्या ठीक नहीं हुई. उसमें लगातार वही समस्या बनी रही. अग्रवाल ने गूगल से शिकायत दर्ज करने के लिए ट्विटर का सहारा लिया लेकिन कई ट्वीट्स करने और महीनों इंतजार के बाद भी, Google समस्या को ठीक करने में विफल रहा.google care centre

मनु अग्रवाल ने बताया कि मानसिक उत्पीड़न के 222 दिन बाद उन्होंने एक ट्वीट में लिखा, ‘Google प्रेमियों के मानसिक उत्पीड़न के 222 दिन कल्पना से परे है.’ एक अन्य ट्वीट में, उन्होंने एक बैनर पोस्ट किया जिसमें एक क्यूआर कोड था जो उन ट्वीट्स को रीडायरेक्ट करता है जहां उन्होंने Google को अपनी समस्या के बारे में ट्विट किये थे लेकिन Google ने उनकी समस्या को अनदेखा कर दिया था. अग्रवाल ने एक वीडियो भी बनाया है जिसमें उन्होंने Google और उसके बाद बिक्री सहायता टीम के साथ आने वाली समस्याओं का वर्णन किया है.