अगर करते है नशा तो हो जाएँ सावधान, इस कंपनी में नौकरी करनी है तो छोड़नी होगी नशे की लत

अगर करते है नशा तो हो जाएँ सावधान, इस कंपनी में नौकरी करनी है तो छोड़नी होगी नशे की लत

आज के समय में नशा समाज की सबसे बड़ी बुराई के रूप में उभरता जा रहा है. इस दुनिया में सब से अधिक युवा व्यसन के चंगुल में है. लेकिन बीते कुछ सालों से युवा...

नेपाल में हुई नोटबंदी, गैर क़ानूनी घोषित कर दिए गए भारत के ये नोट
Flipkart Big Billion Days सेल में स्मार्टफोन्स पर मिलेगा भारी डिस्काउंट ऑफर, सारे ऑफर्स एक ही जगह पर-ऐसे उठायें फायदा
देश में चली मौत की आंधी, यूपी और राजस्‍थान में 90 से ज्यादा की मौत, सरकार ने किया मुआवजे का ऐलान

आज के समय में नशा समाज की सबसे बड़ी बुराई के रूप में उभरता जा रहा है. इस दुनिया में सब से अधिक युवा व्यसन के चंगुल में है. लेकिन बीते कुछ सालों से युवा ही नहीं बच्चे और बुजुर्ग भी इसकी चपेट में आने से खुद को नहीं बचा पाए हैं. इस बुराई के खिलाफ सरकार और कुछ समाजसेवी लोग और संस्थाएं यदा-कदा लोगों को जागृत करने का प्रयास तो जरुर करते हैं लेकिन ये बुराई है की घटने की बजाये बढ़ती ही जा रही है.nasha mukt company

इसे देखते हुए अहमदाबाद की एक कंपनी ने एक निर्णय लिया कि अगर कोई कंपनी में नौकरी करना चाहे तो उसमें गुटका, खैनी सिगरेट सहित कोई व्यसन नहीं होना चाहिए. कंपनी ने कहा है की, ‘यदि आप नौकरी में शामिल होना चाहते हैं, तो इसे छोड़ दें’. ये अहमदाबाद में आई और शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनी हेस्टर बायोसाइंस है. आपको बता दें की ये कंपनी जानवरों के लिए टीके बनाती है और देश- दुनिया में निर्यात करती है.

अगर आप भी अहमदाबाद से 40 किलोमीटर दूर स्थित इस कंपनी में नौकरी करना चाहते हैं तो कंपनी की पहली शर्त यही है कि आप कोई व्यसन नहीं करते हों और यदि आप व्यसन करते है और काबिल भी हैं तो भी नौकरी में नहीं रह पाएंगे और आपको कम्पनी बाहर का रास्ता दिखा देगी. कंपनी की इस नई निति के बारे में बात करते हुए कंपनी के MD और CEO राजीव गांधी ने कहा, हमने अपनी कंपनी में एक नियम बनाया है अगर हमारी कम्पनी का कर्मचारी किसी भी तरह का नशा करता है तो वो हमारी कंपनी में नहीं रह सकता. उन्होंने कहा की हमारी कंपनी तम्बाकू मुक्त कंपनी है.nasha mukt company

आपकी जानकारी के लिए बता दें की इस कंपनी के संयंत्र में 400 से अधिक कर्मचारी काम कर रहे हैं, और यदि एक प्रधान कार्यालय कर्मचारी को जोड़ा जाए, तो 500 कर्मचारी होंगे, लेकिन एक भी कर्मचारी बीड़ी-सिगरेट, खैनी, गुटका का व्यसन नहीं करता. कंपनी के इस फैसले पर पूरा गुजरात गर्व कर सकता है. ऐसा नहीं है कि सभी कर्मचारी जो एक ही कंपनी में शामिल होने से पहले नहीं खाते थे. हालांकि कंपनी में आने के बाद उनके जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा.

 

COMMENTS