आओ वास्तु सीखें (How to Learn Vastu)-1: वास्तु के अनुसार किस दिशा में कौन सा तत्व होना चाहिए

आओ वास्तु सीखें (How to Learn Vastu)-1: वास्तु के अनुसार किस दिशा में कौन सा तत्व होना चाहिए

आज के समय में भवन निर्माण के लिए या फिर सुख सुविधाओं से भरपूर जीवन यापन के लिए वास्तु के अनुरूप घर, मकान, दूकान या फेक्टरी बनाना अति आवश्यक है. लेकिन ...

आओ वास्तु सीखें-5: किस दिशा में कितनी जगह छोड़कर घर बनायें और इसके वास्तु दोष दूर करने के उपाय
आओ वास्तु सीखें -भाग 2: वास्तु के अनुसार दिशाओं का ज्ञान और उनका महत्व
वास्तु क्या होता है और इसका हमारे लिए क्या महत्व है? जानिए वास्तुशास्त्र से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी

आज के समय में भवन निर्माण के लिए या फिर सुख सुविधाओं से भरपूर जीवन यापन के लिए वास्तु के अनुरूप घर, मकान, दूकान या फेक्टरी बनाना अति आवश्यक है. लेकिन वास्तु का ज्ञान नहीं होने के कारण हम इसका सही लाभ नहीं उठा पाते हैं.

इसलिए इसकी आवश्यकता को देखते हुए हमने आपके लिए वास्तु का एक कोर्स (how to learn vastu) शुरू किया जिसमें आप थोड़ी सी मेहनत करके मात्र तीन महीनों में ही वास्तु के एक्सपर्ट बन सकते हैं. हमारा प्रयास है की सभी को वास्तु के विषय में पर्याप्त जानकारी मिल सके और अपनी समस्याओं के सामाधान के लिए किसी को कहीं ओर भटकना नहीं पड़े. इसलिए आप नियमित हमारी साईट पर विजिट करते रहें और हमारे कोर्स ‘how to learn vastu’ का ध्यान पूर्वक अध्ययन करें. how to learn vastu के ध्यानपूर्वक अध्ययन से आप जल्दी ही इसमें पारंगत हो जायेंगे, ऐसा हमारा विश्वास है.how to learn vastu

इसी कड़ी में आज का ज्ञान…how to learn vastu

इस सृष्टि की रचना पंचमहाभूतों जल वायु अग्नि पृथ्वी और आकाश से मिलकर हुई है. भवन की किस दिशा में कोनसा तत्व होना चाहिए ये ज्ञान हमें वास्तु विज्ञान से मिलता है.

वास्तु के नियम के मुताबिक उत्तर-पुर्व जिसे ईशान कोण कहते है उसमें जल, दक्षिण- पुर्व जो अग्निकोण कहलाता है उसमें अग्नि तत्व, उत्तर-पश्चिम कोण जो वायव्य कोण कहलाता है उसमें वायु और दक्षिण-पश्चिम यानि नैऋत्य कोण में पृथ्वी तत्व जबकि मध्य में आकाश तत्व की स्थापना करनी चाहिए.