इस वजह से नहीं हो सका कांग्रेस और आम आदमी पार्टी का गठबंधन, ये है 5 बड़े कारण

इस वजह से नहीं हो सका कांग्रेस और आम आदमी पार्टी का गठबंधन, ये है 5 बड़े कारण

लोकसभा चुनाव होने में अब कुछ ही महीने शेष हैं. इसको मद्देनज़र रखते हुए ये साफ़ हो गया है की अब दिल्ली में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस में किसी तरह का गठब...

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लोकसभा चुनाव होने में अब कुछ ही महीने शेष हैं. इसको मद्देनज़र रखते हुए ये साफ़ हो गया है की अब दिल्ली में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस में किसी तरह का गठबंधन नहीं होगा. मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ दिल्ली कांग्रेस के नेताओं की एक घंटा चली बैठक के बाद दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष शीला दीक्षित ने साफ कह दिया कि आम आदमी पार्टी से कोई गठबंधन नहीं होगा और राहुल गांधी ने भी इसको स्वीकार कर लिया है.

जिस तरह से ‘आप’ के मुखिया और दिल्ली के मुख्यमंत्री कांग्रेस से गठबंधन करने को लालायित थे और खुद सार्वजनिक रूप से ये कह चुके थे की हम कांग्रेस को मना मना कर थक चुके हैं, उसे देखते हुए कांग्रेस इसे सही नहीं मान रही. अब दोनों पार्टियों के अलग-अलग चुनाव लड़ने की स्थिति में इसका सीधा फायदा भाजपा मिलेगा. बावजूद इसके अगर कांग्रेस ने गठबंधन से इनकार किया है तो इसके पीछे इन कारणों के होने का अनुमान लगाया जा रहा है.aap congress gathbandhan

पहला कारण: पार्टी का मानना है की जब भी कांग्रेस ने किसी स्थानीय पार्टी से गठबंधन किया, पार्टी वहां और भी नीचे चली गई. जहां पर कांग्रेस पार्टी एकछत्र राज किया करती थी वहां पार्टी केवल एक पिछलग्गू पार्टी बनकर रह गई. जैसे कि उत्तर प्रदेश और बिहार. इसलिए दिल्ली कांग्रेस के नेता शुरू से आम आदमी पार्टी से गठबंधन के खिलाफ रहे.

दूसरा कारण: जिस तरह से कांग्रेस को 15 साल तक एकछत्र राज करने के बाद भी आम आदमी पार्टी ने सत्ता से उखाड़ फेंका उस हिसाब से कांग्रेस को सबसे अधिक नुकसान आम आदमी पार्टी ने ही किया, तो कांग्रेस की सबसे बड़ी दुश्मन ‘आप’ को ही माना जा सकता है. 15 साल तक दिल्ली की सत्ता में काबिज रहने के बाद आज कांग्रेस की हालत यह है की यहाँ कांग्रेस लोकसभा और विधानसभा दोनों में ही जीरो है.

तीसरा कारण: जब दिल्ली की सत्ता केजरीवाल के हाथों में आई थी तो केजरीवाल ने दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए जिससे उनकी छवि जनता में बिगड़ी. यही नहीं 2012 में अरविंद केजरीवाल ने प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा पर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे जिससे गांधी परिवार और कांग्रेस की छवि को बड़ा धक्का लगा था. माना जा रहा है की कांग्रेस अपनी आज की हालत की जिम्मेदार केजरीवाल को भी मान रही है वरना आज के अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रही कांग्रेस भला गठबंधन से इनकार क्यों करती.

चौथा कारण: बीते 4 साल से दिल्ली में ‘आप’ पार्टी के काम करने के तरीके और शासन की आलोचना कर रही है. अब दिल्ली में आम आदमी पार्टी सरकार का आखरी साल चल रहा है. अगले साल फरवरी महीने में दिल्ली में विधानसभा चुनाव होने हैं. अगर कांग्रेस आम आदमी पार्टी से अब गठबंधन कर लेगी तो फिर विधानसभा चुनाव किस मुद्दे पर लड़ेगी?  अगर विधानसभा चुनाव में भी गठबंधन की बात होने लगी तो कांग्रेस को 30-35 सीट ही लड़ने को मिलेंगी जिससे वो कभी अपने दम पर वापसी नहीं कर पायेगी.aap congress gathbandhan

पांचवां कारण: आम आदमी पार्टी को साफ़ नज़र आ रहा है की लोकसभा चुनाव में प्रधानमन्त्री या तो कांग्रेस से बनेगा और या फिर भाजपा से. दोनों ही सूरत में उसे नहीं लगता की जनता उसके पक्ष में ना जाये क्योंकि उसे पता है की अगला प्रधानमन्त्री आम आदमी पार्टी का तो हो ही नहीं सकता. ऐसे में आम आदमी पार्टी कांग्रेस के सहारे इस लोकसभा चुनाव के लिए अपने आप को राष्ट्रीय परिपेक्ष में बनाए रखना चाहती है. जबकि आम आदमी पार्टी मानती है कि जब दिल्ली में विधानसभा चुनाव होंगे तो उसके पास अरविंद केजरीवाल जैसा सीएम उम्मीदवार होगा जिसके 5 साल के काम और नाम पर जनता उसे दोबारा चुने की इसलिए विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को कांग्रेस की जरूरत उतनी नहीं होगी जितनी लोकसभा चुनाव में है.

आम आदमी पार्टी अच्छी तरह ये बात जानती है की अगर अकेले चुनाव लड़ने की स्थिति में ‘आप’ के प्रदर्शन से कहीं ये ना लगे की ‘आप’ अब लोगों के जेहन से उतर रही है. ऐसे में उसे किसी गठबंधन की तलाश थी, लेकिन उसे कांग्रेस ने सिरे से नकार दिया.

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