इस बार दो दिन मनाई जाएगी श्री कृष्ण जन्माष्टमी, जानिए कब है व्रत और पुजा का शुभ मुहूर्त

इस बार दो दिन मनाई जाएगी श्री कृष्ण जन्माष्टमी, जानिए कब है व्रत और पुजा का शुभ मुहूर्त

हम सब के प्‍यारे नटखट नंदलाल, राधा के श्‍याम और भक्‍तों के भगवान श्रीकृष्‍ण के जन्‍मदिन की तैयारियां पूरे जोरों से देशभर में चल रही हैं. हर बार की तरह...

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हम सब के प्‍यारे नटखट नंदलाल, राधा के श्‍याम और भक्‍तों के भगवान श्रीकृष्‍ण के जन्‍मदिन की तैयारियां पूरे जोरों से देशभर में चल रही हैं. हर बार की तरह भक्तों ने धूमधाम से जन्माष्टमी (Shree Krishan Janmashtmi) मनाने के लिए लगभग सभी तैयारियां कर ली है. लेकिन इस बार श्री कृष्ण जन्माष्टमी दो दिन पड़ रही है. 2 सितंबर (रविवार) को रात 8 बजकर 48 मिनट पर अष्टमी तिथि लग रही है और ये 3 सितंबर (सोमवार) को अष्टमी तिथि 7 बजकर 19 मिनट पर समाप्त होगी.janmashtmi

इस बार जन्माष्टमी दो दिन होने की वजह से लोग समझ नहीं पा रहे हैं कि व्रत पूजन किस दिन होगा. ज्योतिषियों के अनुसार भगवान श्री कृष्ण का जन्म रोहिणी नक्षत्र में भाद्रपद माह की अष्टमी तिथि को मध्य रात्रि वृष लग्न में हुआ था. यह संयोग इस बार 2 सितंबर को बन रहा है. इसलिए पंडितों की राय के मुताबिक व्रत और पूजा इस दिन (2 सितम्बर) करना अच्छा रहेगा. उदयातिथि के विचार की तुलना में तिथि नक्षत्र और लग्न का संयोग अधिक महत्वपूर्ण है. janmashtmi

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस बार अष्टमी तिथि 2 सितंबर रात 8 बजकर 46 मिनट से शुरू होकर 3 सितंबर को 7 बजकर 19 मिनट पर समाप्त होगी. जबकि रोहिणी नक्षत्र का प्रारंभ 2 सितंबर को रात 8 बजकर 48 से होगा और 3 सितंबर की रात 8 बजकर 08 मिनट पर समाप्त होगा.

हमारे धर्म ग्रंथों के मुताबिक, जब भाद्रपद के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि में आधी रात यानी बारह बजे रोहिणी नक्षत्र हो और इस के साथ ही सूर्य सिंह राशि में और चंद्रमा वृष राशि में हों, तब श्रीकृष्ण जयंती का योग बनता है. इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले बहुत ही भाग्यशाली माने जाते हैं

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