होली 2019: सात सालों बाद बन रहा है ऐसा दुर्लभ संयोग, जानिए होलिका दहन का शुभ मुहूर्त

होली 2019: सात सालों बाद बन रहा है ऐसा दुर्लभ संयोग, जानिए होलिका दहन का शुभ मुहूर्त

फागुन माह के साथ ही रंगों के त्यौहार होली की तैयारियां शुरू हो जाती है. इस बार हिंदू कैलेंडर के हिसाब से होलिका दहन 20 मार्च (बुधवार) और बड़ी होली 21 ...

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फागुन माह के साथ ही रंगों के त्यौहार होली की तैयारियां शुरू हो जाती है. इस बार हिंदू कैलेंडर के हिसाब से होलिका दहन 20 मार्च (बुधवार) और बड़ी होली 21 मार्च (गुरुवार) को मनाई जाएगी. इस बार होलिका दहन पर दुर्लभ संयोग बन रहे हैं. ये दुर्लभ संयोग कई प्रकार के अनिष्ट को दूर करने वाले हैं. ज्योतिष विद्या के जानकारों का मानना है की इस बार लगभग सात वर्षों के बाद देवगुरु बृहस्पति के उच्च प्रभाव में गुरुवार को होली मनेगी. इससे मान-सम्मान व पारिवारिक शुभ की प्राप्ति होगी. राजनीति की वर्ष कुंडली के अनुसार नए वर्ष में नए नेताओं को लाभ मिलेगा.Holika Dahan Muhurt

ज्योतिष विद्वानों के अनुसार इस बार होली हिन्दू नववर्ष से एक दिन पहले मनाई जाएगी. उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र में होली मनेगी, यह नक्षत्र सूर्य का है. सूर्य आत्मसम्मान, उन्नति, प्रकाश आदि का कारक है, इससे वर्षभर सूर्य की कृपा मिलेगी. ज्योतिषियों के मुताबिक जब सभी ग्रह सात स्थानों पर होते हैं वीणा योग का संयोग बनता है. होली पर ऐसी स्थिति से गायन-वादन व नृत्य में निपुणता आती है.

Holika Dahan Muhurt

पंचाग के अनुसार होलिका दहन (Holika Dahan Muhurt) 20 मार्च की रात्रि 8.58 से रात 12.05 बजे विशेष शुभ रहेगा. भद्रा का समय, भद्रा पुंछ- शाम 5.24 से शाम 6.25 बजे तक जबकि भद्रा मुख- शाम 6.25 से रात 8.07 बजे तक.Holika Dahan Muhurt

ज्योतिषियों का कहना है की अगजा की धूल से होली की शुरुआत होती है. होलिका दहन की पूजा और रक्षो रक्षोघ्न सूक्त का पाठ होता है. अगजा की तीन बार परिक्रमा की जाती है. अगजा में लोग गेहूं,चना व पुआ-पकवान अर्पित करते हैं. अगजा के बाद सुबह में उसमें आलू, हरा चना पकाते और ओरहा खाते हैं. नहा धोकर शाम में मंदिर जाते हैं और भगवान को रंग-अबीर चढ़ाते हैं.

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