J&K: WhatsApp और Facebook चलाने के लिए कराना होगा रजिस्ट्रेशन, नहीं तो हो जाएगी जेल

J&K: WhatsApp और Facebook चलाने के लिए कराना होगा रजिस्ट्रेशन, नहीं तो हो जाएगी जेल

सोशल मीडिया प्लेटफार्म जैसे whatsapp और फेसबुक पर फैलाई जा रही अफवाहों को रोकने के लिए जम्मू-कश्मीर में अब सरकार ने कड़े कदम उठाने का इरादा कर लिया है....

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सोशल मीडिया प्लेटफार्म जैसे whatsapp और फेसबुक पर फैलाई जा रही अफवाहों को रोकने के लिए जम्मू-कश्मीर में अब सरकार ने कड़े कदम उठाने का इरादा कर लिया है. घाटी में अफवाहों की वजह से फ़ैल रही अशांति के मद्देनज़र अफवाहों को रोकने के प्रयास में किश्तवाड़ जिला प्रशासन ने सोशल मीडिया के उपयोगकर्ताओं पर कड़ी नज़र रखने का फैसला किया है. प्रशासन ने व्हाट्सऐप ग्रुप और फेसबुक का यूज करने वालों को पहले अपनी पृष्ठभूमि की जांच करवाने और सोशल मीडिया के आगे उपयोग को जारी रखने के लिए रजिस्ट्रेशन करवाने के आदेश दिए हैं.

प्रशासन ने कहा है की अगर आप चाहते हैं कि व्हाट्सऐप ग्रुप और फेसबुक को लगातार आप चलाते रहें, इसके लिए प्रशासन ने सभी यूजर्स को 10 दिन के भीतर अनुमति लेने को कहा है. इस कठोर कदम को उठाने का उद्देश्य गलत अफवाहों को रोकना है. रजिस्ट्रेशन के समय एक लिखित रूप से शफथ लेनी होगी की सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड सामग्री के लिए वह व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे और इस तरह की सामग्री से कानून के संभावित उल्लंघन की स्थिति में कानूनी कार्रवाई का सामना करने के लिए भी उत्तरदायी रहेंगे.

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इस आदेश को जिला विकास आयुक्त (डीडीसी) अंग्रेज सिंह राणा ने जारी किया है. उन्होंने आगाह करते हुए कहा है की ऐसे लोगों के खिलाफ आतंकवाद रोधी कानून,  गैर कानूनी गतिविधि (निरोधक) अधिनियम,  सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, रणबीर दंड संहिता और साइबर अपराध कानूनों के तहत मुकदमा दायर किया जायेगा.

अधिकारी के अनुसार, डीडीसी ने किश्तवाड़ के पुलिस अधीक्षक अबरार चौधरी के द्वारा तारीख 22 जून को उन्हें भेजे गए पत्र के जवाब में ये आदेश जारी किया गया था. एसएसपी द्वारा लिखित पत्र में कहा गया था कि जिले में समाचार समूह समेत बड़ी संख्या में व्हाट्सऐप समूह चल रहे है. वहां अक्सर पाया गया है कि वीडियो, ऑडियो या लिखित सामग्री के रूप में गलत सूचना, अफवाह और अपुष्ट अथवा आधी- अधूरी सूचना के रूप में का प्रसार किया जाता रहा है. कानून व्यवस्था में जिससे बाधा उत्पन्न होने की संभावना लगातार  बनी रहती है इसलिए यह सख्त कदम उठाया जा रहा है.

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