कैलाश पर्वत से जुड़े अनसुलझे रहस्य, जिन्हें आज तक नासा भी नहीं सुलझा पाया

कैलाश पर्वत से जुड़े अनसुलझे रहस्य, जिन्हें आज तक नासा भी नहीं सुलझा पाया

कैलाश पर्वत दुनिया का सबसे बड़ा रहस्यमयी पर्वत माना जाता है. इसे अप्राकृतिक शक्तियों का केंद्र कहा जाता है. यह एक पिरामिडनुमा आकार का पर्वत है. वैज्ञान...

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कैलाश पर्वत दुनिया का सबसे बड़ा रहस्यमयी पर्वत माना जाता है. इसे अप्राकृतिक शक्तियों का केंद्र कहा जाता है. यह एक पिरामिडनुमा आकार का पर्वत है. वैज्ञानिकों के अनुसार यह इस धरती का केंद्र है जिसे एक्सिस मुंडी (Axis Mundi) कहा जाता है. कहा जाता है की यह पर्वत अपने में हज़ारों ऐसे रहस्य समेटे हुए है जिन्हें सुलझा पाना किसी के भी बस की बात नहीं है.कैलाश पर्वत

कैलाश पर्वत एक ऐसा ऐतिहासिक पर्वत है जिसे हम लोग प्राय: भगवान शिव का निवास स्थान मानते हैं. शास्त्रों के मुताबिक भगवान शिव का कैलाश पर्वत पर वास है. लेकिन वैज्ञानिकों के लिए कैलाश एक ऐसी रहस्यमयी जगह है जिसके बारे में जानने के लिए विज्ञान जगत बैचेन है. अमेरिकी अन्तरिक्ष एजेंसी नासा के अनुसार कैलाश पर्वत अलौकिक शक्तियों का केंद्र है.

विज्ञान ने यह दावा तो नहीं किया की यहाँ भगवान शिव देखे गए हैं लेकिन फिर भी ये सभी मानते हैं की यहाँ पर कई पवित्र शक्तियाँ जरूर काम कर रही है. वैज्ञानिकों को इसके बारे में अधिक से अधिक जानने की ललक है जो उन्हें इसके बारे में निरंतर शोध करने को मजबूर करती है. भारत ही नहीं अपितु नासा और कई रुसी वैज्ञानिकों ने कैलाश पर्वत पर अपनी रिपोर्ट पेश की है जिसे जानकर आप हैरान रह जाओगे.कैलाश पर्वत

रूस के वैज्ञानिकों का मानना है की कैलाश पर्वत आकाश और धरती के साथ इस तरह से केंद्र में है जहाँ पर चारों दिशाएँ मिल रही हैं. वहीँ रूसी विज्ञान का दावा है कि यह स्थान एक्सिस मुंडी है और इसी स्थान पर व्यक्ति अलौकिक शक्तियों से आसानी से संपर्क कर सकता है. धरती पर यह स्थान सबसे अधिक शक्तिशाली स्थान है.

ऐसा दावा किया जाता है की आज तक कोई भी व्यक्ति कैलाश पर्वत के शिखर पर नहीं पहुँच पाया है. कहा जाता है की 11 वीं शदी में तिब्बत के एक योगी मिलारेपा इसके शिखर तक गए थे लेकिन उसके बारे में कोई भी तथ्य मौजूद नहीं है. इसलिए यह एक रहस्य ही है की उन्होंने यहाँ कदम रखा या फिर वो इसके बारे में बताना ही नहीं चाहते थे.कैलाश पर्वत

कैलाश पर्वत पर दो झीलें हैं और यह दोनों ही रहस्य बनी हुई हैं. आज तक इनका भी रहस्य कोई खोज नहीं पाया है. एक झील साफ़ और पवित्र जल की है और इसका आकार सूर्य के समान बताया गया है. जबकि दूसरी झील अपवित्र और गंदे जल की है और तो इसका आकार चन्द्रमा के समान है. ऐसा कैसे हुआ है यह भी कोई नहीं जानता है.

यहाँ के आध्यात्मिक और शास्त्रों के अनुसार रहस्य की बात करें तो कैलाश पर्वत पे कोई भी व्यक्ति शरीर के साथ उच्चतम शिखर पर नहीं पहुच सकता. ऐसा बताया गया है कि यहाँ पर देवताओं का आज भी निवास है. केवल पवित्र संतों की आत्माओं को ही यहाँ निवास करने का अधिकार दिया गया है.

कैलाश पर्वत का एक रहस्य यह भी बताया जाता है कि जब कैलाश पर बर्फ पिघलती है तो यहाँ से डमरू जैसी आवाज निरंतर आती रहती है. इसे कई लोगों ने सुना है, लेकिन इस रहस्य को आज तक कोई हल नहीं कर पाया है. एक बार वैज्ञानिकों के दल ने इस पर सात तरह के रंग देखें जो बिलकुल इन्द्रधनुष का आभास कराते थे. इस पर नासा ने माना था की यहाँ चुम्बकीय बल है और वो आसमान से मिलकर कई तरह की चीजों का निर्माण करता है ऐसा धरती पर बाकी जगह होना असंभव है.कैलाश पर्वत

कैलाश पर्वत को दुनिया के 4 मुख्य धर्म का केंद्र माना गया है. यहाँ कई साधू और संत अपने देवों से टेलीपेथी से संपर्क करते हैं. असल में यह आध्यात्मिक संपर्क होता है. इस पर्वत के रहस्य, जिसे वैज्ञानिकों ने खुद साबित किया है की यहाँ प्रकाश और ध्वनी के बीच कुछ इस तरह से समागम होता है जिससे ‘ॐ’ की आवाजें सुनाई पड़ती है.

तो, आप समझ गए होंगे की कैलाश पर्वत कितना धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व रखे हुए हैं. हर साल दुनियाभर के कई वैज्ञानिक दल और बुद्धिजीवी लोग यहाँ अनुभव और रिसर्च करने आते हैं. यह सनातन धर्म के लिए भी बड़ा आदिकालीन धार्मिक स्थल बना हुआ है.

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