बड़ी दूर की कौड़ी है केजरीवाल का माफ़ी अभियान, जानिए- क्या है इस अभियान का असली सच?

बड़ी दूर की कौड़ी है केजरीवाल का माफ़ी अभियान, जानिए- क्या है इस अभियान का असली सच?

आजकल केजरीवाल माफ़ी अभियान चल रहा है, जो मीडिया में एक ट्रेंडिंग मुद्दा बना हुआ है. मजीठिया के बाद कपिल सिब्बल और नितिन गडकरी, और भी ना जाने कौन-कौन? स...

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आजकल केजरीवाल माफ़ी अभियान चल रहा है, जो मीडिया में एक ट्रेंडिंग मुद्दा बना हुआ है. मजीठिया के बाद कपिल सिब्बल और नितिन गडकरी, और भी ना जाने कौन-कौन? सीधे तौर पर देखने से लगता है कि केजरीवाल साहब का हृदय परिवर्तन हो गया है, हालाँकि उनके इस माफ़ी मांगो अभियान से उन्हें काफी किरकिरी और अपने विधायकों की नाराजगी भी झेलनी पड़ी है. लेकिन पिछले डेढ़-दो साल से चला उनका ये अभियान अनवरत जारी है. पहले ‘आरोप लगाकर फिर माफ़ी माँगना’ योजना से विपक्ष के निशाने पर आये ‘साहब’ को खुद ‘आप’ के नेताओं ने भी थूक कर चाटने वाला तक कह दिया है लेकिन क्या आप जानते है कि इस ‘अभियान’ के पीछे असली वजह क्या है?

इसका बड़ा कारण सुप्रीम कोर्ट में लंबित कुछ जनहित याचिकाएं है जिन पर आजकल सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है. जिनमें मुख्य ये तीन मांगें है-

पहली जनहित याचिका के अनुसार देश के प्रत्येक जिले में एक स्पेशल कोर्ट बने ताकि सांसदों और विधायकों पर चल रहे मुकदमों का निस्तारण एक साल में किया जा सके. इस मांग को माननीय सुप्रीम कोर्ट ने मान लिया है.

दूसरी याचिका के अनुसार सजायाफ्ता व्यक्तियों पर चुनाव लड़ने के लिए आजीवन प्रतिबंध हो. मौजूदा समय में यह प्रतिबंध मात्र 6 साल के लिए ही है.

जबकि तीसरी याचिका के अनुसार सजायाफ्ता व्यक्तियों के लिए पार्टी बनाने और पार्टी के पदाधिकारी बनने के सारे रास्तों को बंद करना और उनके आजीवन चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध. इस मामले की इसी महीने में ही सुनवाई है. फिलहाल ऐसा कोई कानून नहीं है जिसकी बदौलत आज बहुत से नेता जेल से ही पार्टी चला रहे हैं.

माननीय केजरीवाल साहब पर चल रहे सभी 33 मामलों की सुनवाई अब स्पेशल कोर्ट में होगी जिनमे से अगर किसी एक मामले में भी उन्हें सजा हो जाती है तो उन पर आजीवन चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लग सकता है. अब प्रबुद्ध पाठकगण खुद निर्णय कर सकते हैं कि साहब ने ये अभियान क्यों और कैसे चलाया हुआ है.

प्रबुद्ध पाठकगण अपने कीमती विचारों से हमें अवगत अवश्य करवाएं, आपके विचार हमें और भी अच्छा लिखने को प्रेरित करेंगे. ये आर्टिकल आपको कैसा लगा? कृपया अपनी राय जरूर दें.

 

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