लोकसभा चुनाव 2019: क्या होती है आचार संहिता, जिसके लागू होते ही नहीं हो सकते ये काम

लोकसभा चुनाव 2019: क्या होती है आचार संहिता, जिसके लागू होते ही नहीं हो सकते ये काम

लोकसभा चुनाव 2019 के लिए तारीखों का ऐलान ही चुका है. रविवार शाम 5 बजे चुनाव आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने प्रेस कांफ्रेस करके लोकसभा चुनाव...

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लोकसभा चुनाव 2019 के लिए तारीखों का ऐलान ही चुका है. रविवार शाम 5 बजे चुनाव आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने प्रेस कांफ्रेस करके लोकसभा चुनाव के लिए तारीखों का ऐलान कर दिया है. मतदान की तारीखों के ऐलान के साथ ही देश में आचार संहिता लागू हो गई है. आचार संहिता के लागू होने के बाद देशभर में चुनाव खत्म होने तक कई काम नहीं हो पाएंगे. ऐसे में ये जानना जरुरी हो जाता है की ये ‘आचार संहिता’ क्या होती है और वो कौन से ‘काम’ होते है जिन्हें आचार संहिता के दौरान नहीं किया जा सकता? आइये जानते हैं-what is aachar sanhita

चुनाव से पहले चुनाव आयोग कुछ दिशा-निर्देश जारी करता है जिन्हें चुनाव खत्म होने तक हर पार्टी और उसके कंडीडेट को इन्हें फॉलो करना होता है. इसे ही आचार संहिता कहा जाता है. अगर कोई पार्टी या उम्मीदवार इन नियमों का पालन नहीं करता है तो चुनाव आयोग उनके खिलाफ कार्रवाई कर सकता है. चुनाव आयोग उनके खिलाफ एफआईआर करने से लेकर उन्हें चुनाव लड़ने से रोकने तक का अधिकार रखता है. दोषी उम्मीदवार को जेल भी जाना पड़ सकता है.

चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही आचार संहिता लागू हो जाती है. सरकारी कर्मचारी चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक निर्वाचन आयोग के कर्मचारी बन जाते हैं. वे आयोग के साथ रहकर उसके निदेर्शों पर काम करते हैं. आइये जानते हैं की वो कौन से काम होते हैं जो आचार संहिता लगने के बाद नहीं हो सकते हैं-what is aachar sanhita

आचार संहिता लागू होने के बाद कोई घोषणा नहीं की जा सकती. किसी भी पार्टी या नेता द्वारा कहीं शिलान्यास, लोकार्पण या भूमिपूजन नहीं किया जा सकता. सरकारी खर्च से ऐसा कोई भी आयोजन नहीं किया जा सकता, जिसमें किसी एक दल विशेष को फायदा पहुंच रहा हो. इसके अलावा धार्मिक स्थानों का उपयोग चुनाव प्रचार के मंच के रूप में नहीं किया जा सकता है. आचार संहिता के दौरान कोई भी मंत्री सरकारी गाड़ी या एयर क्राफ्ट का इस्तेमाल नहीं कर सकते.

आचार संहिता के दौरान मंत्री शासकीय दौरों के दौरान चुनाव प्रचार के कार्य नहीं कर सकते. मतदान केंद्रों पर गैर जरूरी भीड़ जमा नहीं हो सकती. आचार संहिता लागू होने के बाद किसी भी पार्टी के प्रत्याशी को या राजनीतिक पार्टी को रैली निकालने, जुलूस निकालने या मीटिंग करने के लिए पुलिस की इजाजत लेनी होगी. सरकार बंगले या सरकारी पैसे का इस्तेमाल चुनाव प्रचार के दौरान नहीं किया जा सकता. राजनीतिक दलों को आयोजनों की सूचना पहले पुलिस को देना होगी.what is aachar sanhita

आचार संहिता लागू होने के बाद अगर किसी के पास 50 हजार से ज्यादा नगद और 10 हजार से ज्यादा का गिफ्ट चुनाव सामग्री के साथ मिलती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होती है. इस दौरान तबादलों पर पूरी तरह से बैन रहता और अगर किसी का तबादला करना जरुरी भी होता है तो चुनाव आयोग की परमीशन से ही तबादला हो सकता है. आचार संहिता लागू होने के बाद कोई भी मंत्री सरकारी खर्च पर होने वाले धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में अतिथि के तौर पर शामिल नहीं हो सकते.

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