हेडफ़ोन लगाने वाले सावधान, स्टेटस सिंबल नहीं टाइमबम है ये आपके लिए

हेडफ़ोन लगाने वाले सावधान, स्टेटस सिंबल नहीं टाइमबम है ये आपके लिए

आज दौर में लगभग सभी ईयरफोन या हेडफ़ोन का उपयोग करते हैं. खासकर इमप्रेशन के लिए वायर लेस ब्लूटूथ का सर्वाधिक उपयोग किया जा रहा हैं. खतरे से अंजान बैखोफ ...

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आज दौर में लगभग सभी ईयरफोन या हेडफ़ोन का उपयोग करते हैं. खासकर इमप्रेशन के लिए वायर लेस ब्लूटूथ का सर्वाधिक उपयोग किया जा रहा हैं. खतरे से अंजान बैखोफ होकर ऊँची आवाज में ईयर के जरिये गाने सुनते हैं. आज हम आपको ईयरफोन से होने वाले छोटे से छोटे और बड़े से बड़े नुकसान के बारे में बताने जा रहे हैं. आशा है की इसको पढ़कर आप अपने लिए हेडफ़ोन या ईयरफोन के प्रयोग से होने वाले नुकसान का सही आंकलन कर सकेंगे.हेडफ़ोन

कानों की खराबी की समस्याओं में पिछले कुछ सालों में बढ़ोतरी देखने को मिली हैं. जिसका कारण कोई बताए या ना बताए लेकिन यह किसी से छुपा भी नहीं है की ऐसा ईयरफोन के कारण ही कानों में खराबी को बढ़ावा मिला हैं.

सडकों पर भी कई दुर्घटनाओं का कारण ईयरफोन रहा है. क्योंकि इयरफोन लगाकर घरों से निकलते हैं सड़क पार करते समय ध्यान गानों पर और कानों में इयरफोन होने से दुर्घटनाओं का शिकार हो जाते हैं. पिछले कई सालों के रिकॉर्ड को देखें तो ईयर फोन से होने वाली दुर्घटनाओं में काफी इजाफा पाया गया हैं.

ईयरफोन का लगातार उपयोग कानों के सुनने की क्षमता 40 से 50 डेसीबेल तक कम कर देता हैं. कान के पर्दे भी वाइब्रेट होने लगते हैं परिणामस्वरूप दूर की आवाज सुनने में परेशानी होने लगती है. परेशानी ज्यादा बढ़ जाये तो बहरापन होने के आसार भी हैं.

ईयरफोन्स के ज्यादा उपयोग से कान में दर्द, सिर दर्द अथवा नींद न आना जैसी समस्या हो सकती है. देखा जाये तो पचास प्रतिशत युवाओं में कान की समस्या का कारण ईयरफोन का अत्यधिक प्रयोग है.

तेज ध्वनि में संगीत सुनने से मानसिक समस्याएं तो शरीर को ग्रसित करती ही हैं साथ ही हृदय रोग और कैंसर का भी खतरा बढ़ जाता हैं. उम्र बढ़ने के साथ-साथ ये बिमारियां सामने आने लगती है़. यह बाहरी भाग के कान के परदे को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ अंदरूनी हेयरसेल्स को भी हानि पहुंचता हैं.हेडफ़ोन

आज लगभग पचास प्रतिशत युवाओं में कान की समस्या का कारण ईयरफोन्स का उपयोग हैं. ईयरफोन की अति के परिणाम स्वरूप कान में दर्द, सिर दर्द या नींद न आने जैसी सामान्य समस्याएं हो रही हैं.

हो सके तो आप इयरफोन की आदत न डालें. यदि आपको घंटों ईयरफोन लगाकर कार्य करना है तो हर एक घंटे पर कम से कम चार से पांच मिनट का ब्रेक लें. प्रयास करें की अच्छी क्वालिटी के ही हेडफोन्स या ईयरफोन्स का प्रयोग हो. ईयरबड की बजाय ईयरफोन्स का प्रयोग करें क्योंकि यह बाहरी कान में लगते हैं.

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