तो यह है मेरे रश्के कमर गाने का असली मतलब

तो यह है मेरे रश्के कमर गाने का असली मतलब

नुसरत फ़तेह अली खान साहब की है ये ग़ज़ल

मेरे रश्के कमर ये गाना आजकल हर किसी की जुबां पर है आपने भी शायद सुना हो या गुनगुनाया हो? आजकल यह सोशल मीडिया पर खूब धूम मचा रहा है. लेकिन क्या आप इससे...

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mere rashke kamar

मेरे रश्के कमर ये गाना आजकल हर किसी की जुबां पर है आपने भी शायद सुना हो या गुनगुनाया हो? आजकल यह सोशल मीडिया पर खूब धूम मचा रहा है. लेकिन क्या आप इससे जुडी रहस्य की कुछ बाते जानते है?
शायद नहीं;
चलिए हम बताते है इसके बारे में और अधिक: मेरे रश्के कमर एक उर्दू ग़ज़ल है जो नुसरत फ़तेह अली खां साहब ने आज से लगभग 40 साल पहले गाई थी. उन्होंने कभी ख्वाब में भी नही सोचा होगा की कभी उनकी इस ग़ज़ल को इतने लोकप्रियता मिलेगी.
मेरे रश्के कमर लफ़्ज़ों का असली मतलब होता है “चाँद की ईर्ष्या”. अर्थात “जिसकी ख़ूबसूरती को देख कर चाँद को भी ज़लन हो जाये”
तो अब आप जान गए होंगे की इस गाने का असली मतलब क्या है?

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