मोदी सरकार का किसानों को बड़ा तोहफा, रबी की फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी

मोदी सरकार का किसानों को बड़ा तोहफा, रबी की फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी

मोदी सरकार ने किसानों को दिवाली से पहले एक बड़ा तोहफा दिया है. सरकार ने किसानों की आय दुगुनी करने और लागत पर 50 फीसदी मुनाफा देने के वादे पर एक ओर कदम ...

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मोदी सरकार ने किसानों को दिवाली से पहले एक बड़ा तोहफा दिया है. सरकार ने किसानों की आय दुगुनी करने और लागत पर 50 फीसदी मुनाफा देने के वादे पर एक ओर कदम बढ़ाते हुए रबी की फसल का MSP बढ़ाने का ऐलान कर दिया है. केंद्रीय कैबिनेट ने गेहूं के समर्थन मूल्य में 105 रूपए की बढ़ोतरी का ऐलान करने के अलावा रबी की अन्य फसलें जैसे जौ, मसूर, सरसों और सूरजमुखी की फसलों का भी MSP बढ़ाया है.MSP

प्रधानमन्त्री मोदी की अध्यक्षता में केंद्र की आर्थिक मामलों की कमेटी ने रबी की फसलों की एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) बढ़ाने का फैसला किया. केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कैबिनेट के फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि मोदी सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लिए प्रतिबद्ध है. रबी की फसलों के MSP में हुए इजाफे से देश के किसानों को 62,635 करोड़ रुपये अतिरिक्त की आय होगी.

आपको बता दें कि कैबिनेट ने गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 105 रूपए प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी करते हुए इसका दाम 1840 रूपए कर दिया है. जो लागत से करीबन 110 फीसदी अधिक माना जा रहा है. वहीँ, जौ के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 30 रुँप्य का इजाफा करते हुए जौ का भाव 1440 रूपए प्रति क्विंटल कर दिया है.

अगर दलहन की बात की जाये तो चने के भाव में 220 रूपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी करते हुए इसका दाम 4620 रूपए कर दिया. जबकि मसूर की दाल कीमत में 225 रूपए प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की है. वहीँ, अगर तिलहन की बात करें तो कैबिनेट ने सरसों की फसल का MSP 200 रुपपये बढ़ाते हुए 4200 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है, जो लागत से 89.9 फीसदी ज्यादा है.MSP

केंद्रीय कैबिनेट ने मध्य प्रदेश के इंदौर और भोपाल में मेट्रो रेल प्रोजेक्ट को भी मंजूरी दी है. साथ ही भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय सड़क परिवहन समझौते को मंजूरी के साथ छोटे और मझोल उद्योग संबंधित समझौतों को भी मंजूरी दी है. जिस पर रुस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे के दौरान हस्ताक्षर होना है.

रबी की फसलों की बुवाई शुरू होने ही वाली है ऐसे में समर्थन मूल्य देखकर किसान अंदाज लगा सकेंगे कि कौन सी फसल बेचने में उन्हें फायदा होगा इस हिसाब से उन्हें फसल की बुवाई से पहले अधिक मुनाफा वाली फसल चुनने में आसानी होगी और उन्हें फायदा भी होगा.