किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी, इस बार ऐसा रहेगा मानसून, मौसम विभाग ने जारी किया पूर्वानुमान

किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी, इस बार ऐसा रहेगा मानसून, मौसम विभाग ने जारी किया पूर्वानुमान

मौसम विभाग ने इस साल आने वाले मानसून को लेकर अपना पहला अनुमान सोमवार को जारी कर दिया. मौसम विभाग ने अनुसार इस साल देश में साउथ वेस्ट मानसून नॉर्मल रहन...

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मौसम विभाग ने इस साल आने वाले मानसून को लेकर अपना पहला अनुमान सोमवार को जारी कर दिया. मौसम विभाग ने अनुसार इस साल देश में साउथ वेस्ट मानसून नॉर्मल रहने की उम्मीद है. पूरे सीजन में 96% तक बारिश होने की उम्मीद है. मौसम विभाग की इस खबर को किसानों के लिए राहत की खबर माना जा रहा है. विभाग का कहना है की फिलहाल अल नीनो की स्थिति कमजोर बनी हुई है और आगे भी कमजोर बने रहने की उम्मीद है.Monsoon 2019

मौसम विभाग के मुताबिक इस बार जून-सितंबर के दौरान इस मानसून सीजन में देश में लंबी अवधि के औसत की 96 फीसदी बारिश होने का अंदेशा है. मौसम कार्यालय के अनुसार पूर्वानुमान में 5 प्रतिशत की त्रुटि है. मौसम विभाग ने कहा कि, कुल मिलाकर देश में 2019 मानसून के मौसम में अच्छी बारिश होने की उम्मीद है. यह खरीफ सीजन में किसानों के लिए फायदेमंद होगी. मौसम विभाग का कहना है की इससे पहले उम्मीद थी की अल नीनो की वजह से मानसून पर असर पड़ सकता है.

मानसून को लेकर मौसम विभाग द्वारा अगला अपडेट जून महीने के पहले सप्ताह में जारी किया जायेगा. प्रशांत महासागर में इक्वेटर (विषुवत रेखा) के पास समुद्र के तापमान में कमी बनी हुई है. जून तक इसमें बदलाव की उम्मीदें ना के बराबर मानी जा रही है. ऐसे में यहां लॉ नीना इफेक्ट पैदा होता है जो अच्छे मॉनसून का प्रतीक है.Monsoon 2019

आपको बता दें कि मानसून भारत की कृषि के लिए अति महत्वपूर्ण है क्योंकि वार्षिक बर्षा देश की 70 प्रतिशत से अधिक कृषि के लिए जिम्मेदार है. यह बारिश जलाशयों को भरती है जो फसलों की सिंचाई में मददगार है. यह लाखों लोगों की आजीविका को आकार देता है और खाद्य कीमतों को प्रभावित करता है. इसके साथ ही देश भर के लाखों किसान अपनी खरीफ की फसल का चयन भी मानसून के पूर्वानुमान के आधार पर ही करते हैं. जिस साल बारिश कम होती है तो फसलों के उत्पादन में भी गिरावट देखने को मिलती है. जिसके चलते भारत को खाद्य पदार्थों का आय़ात करना पड़ता है.

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