नाभी है कुदरत का अनमोल तोहफा, इन उपायों से करें उसकी देखरेख और पायें बेहतर स्वास्थ्य

नाभी है कुदरत का अनमोल तोहफा, इन उपायों से करें उसकी देखरेख और पायें बेहतर स्वास्थ्य

एक 60 वर्ष के बुजुर्ग को अचानक से बाईं आँख से कम दिखना शुरू हो गया. खासकर रात को तो दिखना बिलकुल भी बंद हो गया. डॉक्टर्स ने काफी जांच-पड़ताल की और निष...

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एक 60 वर्ष के बुजुर्ग को अचानक से बाईं आँख से कम दिखना शुरू हो गया. खासकर रात को तो दिखना बिलकुल भी बंद हो गया. डॉक्टर्स ने काफी जांच-पड़ताल की और निष्कर्ष निकाला की उनकी बाईं आँख की रक्त नालियां सुखना शुरू हो गई है. रिपोर्ट में खुलासा हुआ की अब वो कभी भी देख नहीं पाएंगे. लेकिन क्या इसका कोई इलाज नहीं है? जी नहीं, मेडिकल जगत में इसका कोई ख़ास समाधान नहीं है. लेकिन हमारे आयुर्वेद में इसका समाधान आज से सैंकड़ों साल पहले बताया जा चुका है.नाभी

प्रिय पाठकों, हमारा शरीर कुदरत की एक अनमोल देन है. आपको जानकार आश्चर्य होगा की हमारे शरीर के रचना तंत्र को अभी विज्ञान जगत कुछ फीसदी तक ही नहीं समझ पाया है. इसी कड़ी में हम आज बात करते है हमारे शरीर के एक ख़ास अंग नाभी की. गर्भ की उत्पत्ति नाभी के पीछे होती है और उसको माता के साथ जुडी हुई नाडी से पोषण मिलता है और इसीलिए मृत्यु के तीन घंटे तक नाभी गर्म रहती है.

गर्भधारण के नौ महीनों अर्थात 270 दिन बाद एक सम्पूर्ण बाल स्वरूप बनता है. नाभी के द्वारा सभी नसों का जुडाव गर्भ के साथ होता है. इसलिए नाभी को हमारे शरीर का एक अद्भुत भाग माना जाता है. नाभी के पीछे की ओर पेचूटी या navel button होता है जिसमें 72000 से भी अधिक रक्त धमनियां स्थित होती है. अगर सारी धमनियों को जोड़ा जाए तो उनकी लम्बाई इतनी हो जायेगी कि पृथ्वी के गोलाई पर दो बार लपेटा जा सके.

हमारे शरीर की कई गंभीर बिमारियों का इलाज हमारी नाभी में ही छुपा होता है जरूरत ही तो बस ज्ञान होने की और ध्यान होने की. तो आईये आज हम आपको बताते है की नाभी के द्वारा हम कितनी प्रकार की बीमारियों का इलाज घर बैठे कर सकते हैं.

– नाभी में गाय का शुध्द घी या तेल (सरसों का या नारियल का हो तो बेहतर होगा) लगाने से बहुत सारी शारीरिक दुर्बलता का उपाय हो सकता है.नाभी

– आँखों का शुष्क हो जाना, नजर कमजोर हो जाना, चमकदार त्वचा और बालों के लिये नाभी में रोजाना तेल का या गाय का घी इस्तेमाल करें.

– सोने से पहले 3 से 7 बूँदें शुध्द घी और नारियल के तेल नाभी में डालें और नाभी के आसपास डेढ ईंच  गोलाई में फैला देवें. इससे आपको सर्दी-जुकाम से लेकर बालों के झड़ने आयर बाल सफेद होने की समस्या से छुटकारे के अलावा और भी बहुत से लाभ मिलेंगे.

– रात को सोने से पहले तीन से सात बूंद इरंडी का तेल नाभी में डालें और उसके आसपास डेढ ईंच में फैला देवें. इससे आपको घुटने के दर्द या जोड़ों के दर्द से राहत मिलेगी.

– शरीर में कमपन्न तथा जोड़ोँ में दर्द और शुष्क त्वचा के लिए रात को सोने से पहले तीन से सात बूंद राई या सरसों कि तेल नाभी में डालें और उसके चारों ओर डेढ ईंच में फैला देवें तथा हल्के हाथ से कुछ देर मलें.

– मुँह और गाल पर होने वाले पिम्पल के लिए भी नाभी में नीम का तेल तीन से सात बूंद उपरोक्त तरीके से डालें.नाभी

हमारी नाभि को अच्छी तरह से मालूम रहता है की हमारी कौनसी रक्तवाहिनी सूख रही है,इसलिए वो उसी धमनी में तेल का प्रवाह कर देती है. आपको ध्यान होगा की जब बालक छोटा होता है और उसका पेट दुखता है तब घर की बुजुर्ग महिलाएं हिंग और पानी या तैल का मिश्रण उसके पेट और नाभि के आसपास लगाती थी. उनके इस उपचार से उसका दर्द तुरंत गायब हो जाता था. बस यही काम है तेल या देशी घी का.

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