नहीं रहे राजनीति के ‘भीष्म पितामह’ अटल बिहारी वाजपेयी, देश को हुई अपूर्णीय क्षति

नहीं रहे राजनीति के ‘भीष्म पितामह’ अटल बिहारी वाजपेयी, देश को हुई अपूर्णीय क्षति

भारत की राजनीति के ‘भीष्म पितामह’ कहे जाने वाले बीजेपी नेता और देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्...

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भारत की राजनीति के ‘भीष्म पितामह’ कहे जाने वाले बीजेपी नेता और देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में गुरुवार को निधन हो गया. वह बीते 11 जून से एम्स में भर्ती थे. वाजपेयी ने गुरुवार शाम 5:05 बजे अंतिम सांस ली.

अटल बिहारी वाजपेयी

बुधवार 15 अगस्त से उनकी तबियत ज्यादा गंभीर हो गई. उन्हें जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया था. आपको बता दें की उन्हें किडनी की नली में इन्फेक्शन था, इसके साथ ही उनके साइन में जकड़न और पेशाब की नाली में भी इन्फेक्शन था. जिसकी वजह से उन्हें 11 जून को एम्स में एडमिट करवाया गया था. उन्हें मधुमेह भी था और उनका एक ही गुर्दा काम करता था.

अटल बिहारी वाजपेयी

फाइल फोटो

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की हालत ज्यादा ख़राब होने के बाद बुधवार शाम को पीएम मोदी उनसे मुलाकात करने एम्स पहुंचे थे. इसके साथ ही उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू और केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु, जितेंद्र सिंह, अश्विनी चौबे, स्मृति ईरानी, शाहनवाज हुसैन, हर्षवर्धन सहित कई बीजेपी नेता अटल बिहारी वाजपेयी के स्वास्थ्य का हाल जानने के लिए एम्स गए थे.

आपकी जानकारी के लिए बता दें की हिंदी के प्रख्यात कवि और पत्रकार अटल जी एक अच्छे वक्ता भी थे. वे1968 से लेकर 1973 तक जनसंघ के अध्यक्ष भी रहे थे. अटल जी ने देश के प्रधानमंत्री के रूप में तीन बार देश का नेतृत्व किया है. वे पहली बार साल 1996 में 16 मई से 1 जून तक, 19 मार्च 1998 से 26 अप्रैल 1999 तक और फिर 13 अक्टूबर 1999 से 22 मई 2004 तक देश के प्रधानमंत्री रहे.

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