नहीं रहे तरुण सागर, पीलिया से पीड़ित जैन मुनि ने इलाज करवाने से कर दिया था इनकार

नहीं रहे तरुण सागर, पीलिया से पीड़ित जैन मुनि ने इलाज करवाने से कर दिया था इनकार

जैन मुनि तरुण सागर जी का आज अलसुबह सवा तीन बजे देहावसान हो गया. 51 वर्षीय तरुण सागर जी पिछले करीब 20 दिनों से पीलिया से पीड़ित थे. उन्हें इलाज के लिए द...

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जैन मुनि तरुण सागर जी का आज अलसुबह सवा तीन बजे देहावसान हो गया. 51 वर्षीय तरुण सागर जी पिछले करीब 20 दिनों से पीलिया से पीड़ित थे. उन्हें इलाज के लिए दिल्ली के एक प्राईवेट हॉस्पिटल में एडमिट करवाया गया था. कहा जा रहा है की उन पर दवाईयों का असर होना बंद हो गया था.तरुण सागर

ख़बरों के मुताबिक जैन मुनि ने इलाज करवाने से इंकार कर दिया था. तरुणसागर का समाधि शरण दोपहर 3 बजे तरुणसागरम तीर्थ पर होगा. पीएम मोदी ने जैन मुनि तरुण सागर के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है. पीएम मोदी ने कहा है कि, ‘जैन मुनि तरुण सागर के निधन का समाचार सुन गहरा दुख पहुंचा. हम उन्हें हमेशा उनके प्रवचनों और समाज के प्रति उनके योगदान के लिए याद करेंगे. मेरी संवेदनाएं जैन समुदाय और उनके अनगिनत शिष्यों के साथ है.’ गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा है कि, ‘मैं उनके असामयिक महासमाधि लेने के समाचार से स्तब्ध हूँ. वे करुणा के सागर थे. मैं उनके चरणों में अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं.’तरुण सागर

आपको बता दें कि जैन मुनि अक्सर अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहते थे. उन्होंने कई विधानसभाओं में भी प्रवचन दिए थे. जैन मुनि तरुण सागर का जन्‍म मध्य प्रदेश के दमोह में 26 जून, 1967 को हुआ था. उनकी मां का नाम शांतिबाई और पिता का नाम प्रताप चंद्र था. तरुण सागर ने आठ मार्च, 1981 को घर छोड़ दिया था. इसके बाद उन्होंने छत्तीसगढ़ में दीक्षा ली.

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